उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेतीरामलीला

भरत-कैकई संवाद और भरत मिलाप की लीला ने दर्शकों को किया भावविभोर

माँ गंगा रामलीला समिति की रामलीला के पांचवें दिन केवट लीला और पंचवटी गमन का हुआ भावपूर्ण मंचन, त्याग और भाईचारे का दिया संदेश

मुनिकीरेती/टिहरी(दिलीप शर्मा): माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती की ओर से आयोजित पंचम भव्य एवं दिव्य श्रीरामलीला मंचन के पांचवें दिन भरत-कैकई संवाद, भरत मिलाप, केवट लीला और पंचवटी गमन के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के इन प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। विशेष रूप से भरत-कैकई संवाद और भरत मिलाप की लीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, प्रदेश मंत्री नलिन भट्ट, जिला उपाध्यक्ष प्रेम सेमवाल, पूर्व मंडी समिति पदाधिकारी विनोद कुकरेती, मंडल अध्यक्ष भगवती काला एवं उनकी टीम, जिला पंचायत सदस्य हुकम भंडारी, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गजेंद्र राणा, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष राजेंद्र थलवाल तथा अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सतीश सिंह सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

भरत के त्याग और श्रीराम के प्रति प्रेम ने छुआ दर्शकों का हृदय

भरत-कैकई संवाद के मंचन में भरत जी की व्यथा, उनके मन की पीड़ा और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद हुए भरत मिलाप के दृश्य ने भाईचारे, त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ प्रेम की अनुपम मिसाल पेश की। दोनों भाइयों के प्रेम और एक-दूसरे के प्रति सम्मान के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

वहीं, केवट लीला के माध्यम से प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का संदेश दिया गया। पंचवटी गमन की लीला में प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के वनवास जीवन के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।

समिति पदाधिकारियों के प्रयासों से सफल हो रहा आयोजन

रामलीला के भव्य आयोजन को सफल बनाने में माँ गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, धर्माचार्य पंडित दिनेश सेमल्टी, सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय, आयुष असवाल, आशीष बिजलवान, अर्पित रावत, सोनू रावत, धर्म सिंह नेगी, केशवानंद सेमवाल और मंत्री गंगा रावत सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

रामलीला के माध्यम से धार्मिक आस्था, पारिवारिक मूल्यों, भाईचारे और मर्यादा के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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