उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेतीरामलीला

मुनिकीरेती में सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ का भव्य मंचन

धनुष भंग होते ही जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा जनकपुर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां

मुनिकीरेती/टिहरी(दिलीप शर्मा): माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा की ओर से आयोजित पंचम भव्य श्रीरामलीला के तृतीय दिवस पर सीता स्वयंवर एवं धनुष यज्ञ की लीला का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान श्री जनक-विश्वामित्र मिलन, गौरी पूजन, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर गढ़भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति, गंगा सेवा पर्यावरण सुरक्षा समिति, आवाज साहित्यिक संस्था, संस्कारशाला ट्रस्ट तथा माँ गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष दिनेश डबराल सहित गजेंद्र सिंह कंडियाल, अशोक क्रेजी, संतोष व्यास और महेश कुड़ियाल मौजूद रहे।

मिथिला नगरी में आयोजित सीता स्वयंवर की लीला में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से प्रभु श्रीराम ने भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष भंग कर दिया। धनुष टूटते ही पूरा जनकपुर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। इसके बाद माता सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। वहीं, परशुराम-लक्ष्मण संवाद के प्रभावशाली मंचन ने दर्शकों में उत्साह भर दिया।

रामलीला के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, धर्माचार्य पंडित दिनेश सेमल्टी, सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय और मंत्री गंगा रावत सहित समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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