उत्तराखंडदेहरादून

मंत्री रेखा आर्य प्रकरण में महिला आयोग सख्त, एसएसपी को निष्पक्ष जांच के निर्देश

अस्पताल पहुंचीं आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, चिकित्सकों से ली स्वास्थ्य की जानकारी; कहा- दोषी पाए जाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून (दिलीप शर्मा): कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित पारिवारिक विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो प्रकरण का उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शुक्रवार को कृष्णा मेडिकल सेंटर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर उनके समुचित उपचार और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

आयोग अध्यक्ष ने डॉ. गीता खन्ना सहित उपचार कर रहे अन्य चिकित्सकों से मंत्री के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।

एसएसपी से वार्ता कर जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल से वार्ता कर प्रकरण की वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की सूक्ष्म, पारदर्शी और समयबद्ध जांच करने के निर्देश दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं: कुसुम कंडवाल

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिला चाहे आम हो या खास, महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ी है। घरेलू हिंसा और उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। महिलाओं को अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार और बच्चों के भविष्य को संवारने तथा रिश्तों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें घरेलू हिंसा या मानसिक प्रताड़ना चुपचाप सहनी पड़े। महिला सुरक्षा और न्याय के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

जांच के आधार पर होगी वैधानिक कार्रवाई

राज्य महिला आयोग ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। प्रकरण के सभी पहलुओं और तकनीकी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आयोग अध्यक्ष ने बताया कि वह लगातार पुलिस प्रशासन के संपर्क में है और मामले की प्रगति पर नजर बनाए हुए है। आयोग ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन या महिला उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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