



ऋषिकेश,(दिलीप शर्मा): शारदीय नवरात्रि के सप्तम दिवस पर चन्द्रेश्वर नगर स्थित परमार्थ विद्या मंदिर में माँ कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में विश्व शांति, मानव कल्याण और प्रकृति संरक्षण की कामना की गई।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि माँ कालरात्रि की आराधना साहस, आत्मबल और सकारात्मकता का संदेश देती है। आध्यात्मिकता का वास्तविक स्वरूप सेवा, करुणा और सद्भाव के माध्यम से प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि अन्नदान और भंडारा भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा हैं, जो समाज में समरसता और मानव सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में राजीव जैन, नीना जैन, सुभाष छेत्री, उपासना सहित परमार्थ विद्या मंदिर के शिक्षक-शिक्षिकाएं, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार और आचार्य उपस्थित रहे।





