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नेगी दा के सुरों और दीक्षा बडोनी के धमाकेदार डांस ने बांधा समां

कुंजापुरी मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या में उमड़ा जनसैलाब, नेगी दा ने बेटे कविलाश के साथ गाया गीत

 

  • समाजसेवी दिनेश चमोली ने 21 लाख, वेस्टर्न ग्रुप ने 20 लाख और ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान ने 10 लाख रुपये की सहयोग राशि दी

नरेंद्रनगर/टिहरी(दिलीप शर्मा): ऐतिहासिक 50वें सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या गढ़वाली लोकगीतों और शानदार नृत्य प्रस्तुतियों के नाम रही। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के सदाबहार गीतों और मशहूर डांसर दीक्षा बडोनी के ऊर्जावान डांस ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग पहुंचे और देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मेला संरक्षक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विशिष्ट अतिथि राजेंद्र विक्रम सिंह पवार, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, विनीता बिष्ट और गजा नगर पंचायत अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान मुख्य कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी और दीक्षा बडोनी को शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कुंजापुरी मेले से शुरू हुआ था नेगी दा का सांगीतिक सफर

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि करीब 40 से 45 वर्ष पूर्व, जब नरेंद्र सिंह नेगी सूचना विभाग टिहरी गढ़वाल में कार्यरत थे, तब उनके गीतों और सांगीतिक सफर की शुरुआत नरेंद्रनगर और कुंजापुरी मेले के मंच से हुई थी। उन्होंने नेगी दा के उज्ज्वल भविष्य, दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।

मेले के आयोजन के लिए 51 लाख रुपये की सहयोग राशि

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले के सफल आयोजन और भव्यता में सहयोग देने वालों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध समाजसेवी दिनेश चमोली ने 21 लाख रुपये, वेस्टर्न ग्रुप (वेस्टर्न होटल) ने 20 लाख रुपये और ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान ने 10 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की है। उन्होंने इस योगदान को मेले के आयोजन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

पिता-पुत्र की जुगलबंदी ने जीता दर्शकों का दिल

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के मंच पर पहुंचते ही पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। सांस्कृतिक संध्या का खास आकर्षण तब रहा, जब नेगी दा ने अपने सुपुत्र कविलाश नेगी के साथ मिलकर लोकप्रिय गढ़वाली गीत ‘मेरे को पहाड़ी ना बोलो’ की प्रस्तुति दी। पिता-पुत्र की इस जुगलबंदी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

इसके बाद नेगी दा ने ‘तेरो मछोई’, ‘नारंगी की दाणी हो’, ‘नौछमी नरैणा’ और ‘क्या दिन क्या रात’ जैसे लोकप्रिय गीतों से समां बांधा। उनके गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए और पूरा पंडाल लोकसंस्कृति के रंग में रंग गया।

दीक्षा बडोनी के डांस पर झूमे दर्शक

मशहूर डांसर दीक्षा बडोनी ने अपनी ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने ‘झुमकी’, ‘मेरी पहाड़न’ और ‘नखर्याली’ जैसे गीतों पर शानदार डांस किया। उनके आकर्षक स्टेप्स और जोशीली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अपनी सीटों से उठकर थिरकने पर मजबूर कर दिया।

कुंजापुरी मेले की यह सांस्कृतिक संध्या लोकगीतों, लोकसंस्कृति और आधुनिक नृत्य का शानदार संगम बनी। नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों और दीक्षा बडोनी की प्रस्तुतियों ने मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

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