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एम्स ऋषिकेश की भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

बायोमेट्रिक सत्यापन में सामने आया पहचान का अंतर, फर्जी पहचान के जरिए परीक्षा देने और नौकरी हासिल करने का आरोप; एक वांछित आरोपी की तलाश जारी

ऋषिकेश(दिलीप शर्मा): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी की पहचान को लेकर संदेह होने पर जांच की गई, जिसमें परीक्षा देने वाले व्यक्ति और एम्स में नियुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति के फोटो में अंतर पाया गया। मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी अशोक कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी विकास कुमार मीणा की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को एम्स ऋषिकेश में CRE-3 भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इस दौरान वायरमैन पद के अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा की पहचान को लेकर संदेह हुआ। मूल अभिलेखों और पहचान पत्रों का मिलान करने पर सामने आया कि परीक्षा में शामिल होने वाले व्यक्ति और एम्स में नियुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति की पहचान अलग-अलग हो सकती है। दोनों के पहचान पत्रों पर विवरण समान होने के बावजूद फोटोग्राफ में अंतर पाया गया।

मामले में एम्स ऋषिकेश के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने पुलिस चौकी एम्स में लिखित शिकायत दी। शिकायत और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पूछताछ के बाद अशोक कुमार मीणा गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान के जयपुर निवासी अशोक कुमार मीणा (40) को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार देहरादून भेज दिया गया।

फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद दूसरा आरोपी विकास कुमार मीणा घटना के बाद से फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस भर्ती प्रक्रिया में कथित प्रतिरूपण, पहचान संबंधी दस्तावेजों में अंतर और नियुक्ति हासिल करने के लिए अपनाए गए तरीकों की जांच कर रही है। इसके साथ ही मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता और लाभ प्राप्त करने से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 543/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338, 340(2) और 61(2) में अभियोग दर्ज किया गया है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी, उपनिरीक्षक बिनेश कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप राठी, अपर उपनिरीक्षक मुकेश शर्मा तथा कांस्टेबल बृजेश और कुलदीप शामिल रहे।

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