उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेतीरामलीला

माँ गंगा रामलीला के अष्टम दिवस पर लंका दहन और लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन

रामेश्वरम पूजा और रावण-अंगद संवाद ने दर्शकों को किया भावविभोर, भक्ति और धर्म का दिया संदेश

मुनिकीरेती/टिहरी(दिलीप शर्मा): माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती की ओर से आयोजित पंचम भव्य एवं दिव्य श्रीरामलीला मंचन के अष्टम दिवस पर लंका दहन, रामेश्वरम पूजा, रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन किया गया। विभिन्न लीलाओं के माध्यम से कलाकारों ने भगवान श्रीराम की भक्ति, हनुमान जी के अद्भुत साहस, अंगद की निर्भीकता और श्रीराम-लक्ष्मण के अटूट प्रेम का सजीव चित्रण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे सहित डॉ. राम कुमार भारद्वाज, डॉ. अमित उनियाल, डॉ. हरीश द्विवेदी, गीतिका द्विवेदी, डॉ. अश्वनी कंडारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. राकेश अग्रवाल, डॉ. जगदीश जोशी, डॉ. सावित्री उनियाल, डॉ. हरिओम प्रसाद, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. डीपी रतूड़ी, डॉ. राजेंद्र गर्ग और डॉ. कुशलानंद लखेरा ने श्रीगणेश वंदना के साथ किया।

रामलीला मैदान, नया पुल, चौदह बीघा, मुनिकीरेती में आयोजित मंचन को देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया।

लंका दहन में दिखा हनुमान जी का अद्भुत पराक्रम

लंका दहन की लीला में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के अदम्य साहस, पराक्रम और प्रभु के प्रति अटूट समर्पण का प्रभावशाली चित्रण किया गया। हनुमान जी द्वारा लंका दहन के प्रसंग ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। वहीं, रामेश्वरम पूजा की लीला के माध्यम से भगवान श्रीराम की शिवभक्ति और धर्म के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा का संदेश दिया गया।

रावण-अंगद संवाद में दिखी अंगद की निर्भीकता

रावण-अंगद संवाद के मंचन में अंगद जी की निर्भीकता, दृढ़ संकल्प और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा देखने को मिली। इस प्रसंग ने दर्शकों को सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा दी। वहीं, लक्ष्मण शक्ति की लीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस प्रसंग में श्रीराम और लक्ष्मण के बीच अटूट प्रेम, समर्पण और भाईचारे की भावना को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

रामलीला के इन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, साहस, सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का रहा योगदान

रामलीला के भव्य आयोजन को सफल बनाने में माँ गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, धर्माचार्य पंडित दिनेश सेमल्टी, सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय, आयुष असवाल, आशीष बिजलवान, अर्पित रावत, सोनू रावत, धर्म सिंह नेगी, केशवानंद सेमवाल और मंत्री गंगा रावत सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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