



ऋषिकेश(दिलीप शर्मा): महानवमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया। परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कन्याओं को भोजन कराकर नारी शक्ति के सम्मान और बेटियों के सशक्तीकरण का संदेश दिया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि कन्या पूजन की सार्थकता तभी है, जब बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा, “कन्याओं को केवल जिमाएं नहीं, उन्हें जमाएं भी और अपने पैरों पर खड़ा करें।”

उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी प्रतिभा को अवसर देना, उनके सपनों को प्रोत्साहित करना और निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रदान करना आवश्यक है। नारी शक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी, जब समाज से भेदभाव और असमानता दूर होगी।

स्वामी जी ने कहा कि शक्ति की सच्ची उपासना बेटियों को समान अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर देने में है। उन्होंने सभी से ऐसा समाज बनाने का आह्वान किया, जहां प्रत्येक बेटी सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सके।





