



ऋषिकेश/सॉल्ट लेक सिटी, 18 अक्टूबर : परमार्थ निकेतन की अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने अमेरिका के सॉल्ट लेक टैबरनेकल में आयोजित जी20 इंटरफेथ फोरम के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने विश्व समुदाय से आस्था को आशा, करुणा, मानवीय गरिमा और विश्वशांति की शक्ति बनाने का आह्वान किया।

‘अविचल आशा, साझा भविष्य’ विषय पर संबोधित करते हुए साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ केवल प्राचीन वैदिक दर्शन नहीं, बल्कि मानवता के शांतिपूर्ण भविष्य का मार्ग है। उन्होंने कहा कि विश्व की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब सभी देश और समुदाय एक परिवार की भावना से कार्य करें तथा कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दें।

समारोह में विभिन्न धर्मों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ अमेरिका के पूर्व राजदूत रब्बाई डेविड सैपरस्टीन, दक्षिण कैरोलिना के पूर्व गवर्नर डेविड बीजली और नागरिक अधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर के पुत्र मार्टिन लूथर किंग तृतीय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
साध्वी जी ने कहा कि आशा केवल प्रतीक्षा नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है। विश्व में स्थायी शांति के लिए आत्मचिंतन, करुणा, आपसी विश्वास और संवाद आवश्यक हैं। उन्होंने भूख, गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र ‘संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्’ का उल्लेख करते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ने और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की प्रार्थना के साथ समस्त विश्व के सुख, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की।

