18 देशों के प्रतिनिधियों ने साझा किए स्मार्ट और भविष्य के शहरों के विकास पर विचार
‘Evolving Uttarakhand – Rising India’ थीम पर हुआ 3rd International Smart & Future Cities Conclave 2026, वैश्विक निवेश और नवाचार की संभावनाओं पर मंथन




ऋषिकेश, 21 अगस्त(दिलीप शर्मा): ग्लोबल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, देहरादून के नॉलेज पार्टनरशिप में 3rd International Smart & Future Cities Conclave 2026 का भव्य आयोजन किया गया। ‘Evolving Uttarakhand – Rising India’ थीम पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में स्मार्ट एवं भविष्य के शहरों के विकास, सतत शहरीकरण, आधुनिक तकनीक, नवाचार और नागरिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने व्यापक मंथन किया।
सम्मेलन में 18 देशों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। आयोजन ने उत्तराखंड को वैश्विक निवेश, नवाचार, स्मार्ट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास के क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव में अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण पर चर्चा
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष ‘Diplomatic Conclave’ में सतत विकास, स्मार्ट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और भविष्य के शहरों की आवश्यकताओं पर अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण साझा किए गए। कार्यक्रम में भारत स्थित इक्वाडोर दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन Mr. Henry Larrea मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शम्भू पासवान तथा मलेशिया से Mr. Thava Kumar उपस्थित रहे। वहीं आईआईएम लखनऊ के प्रो. डॉ. एस. वेंकट और अमेरिका के वर्जीनिया स्थित Brodino Inc. के चेयरमैन Dr. Armugam Murukiah ने मुख्य वक्ता के रूप में आधुनिक तकनीक, नवाचार और भविष्य के शहरों के निर्माण की रूपरेखा पर विचार रखे।
विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य के शहर केवल तकनीकी रूप से सक्षम होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ, नागरिक-केंद्रित, समावेशी और जीवन की बेहतर गुणवत्ता प्रदान करने वाला भी होना चाहिए।
नागरिक सहभागिता के बिना स्मार्ट सिटी की अवधारणा अधूरी : शम्भू पासवान
महापौर शम्भू पासवान ने अपने संबोधन में स्मार्ट एवं सशक्त शहरों के निर्माण में नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, यातायात अनुशासन, सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और शहर को बेहतर बनाने के सामूहिक प्रयासों से ही आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित शहर का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच राज्य को वैश्विक विशेषज्ञों, निवेशकों तथा तकनीकी संस्थाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महापौर ने कहा कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा को केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे मानव-केंद्रित, पर्यावरण-अनुकूल और जनभागीदारी आधारित विकास से जोड़ना जरूरी है। आने वाले समय में शहरों की सफलता का आकलन केवल उनके भौतिक विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं, पर्यावरणीय संतुलन, सुशासन और जीवन की गुणवत्ता के आधार पर भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ स्थानीय आवश्यकताओं और नागरिक सहभागिता का समन्वय ही भविष्य के शहरों को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बना सकता है।
ग्राफिक एरा के कुलपति ने किया स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. नरपिंदर सिंह के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद ग्लोबल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सीईओ इंजी. आशीष गुप्ता ने परिचयात्मक वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए संस्था की वैश्विक पहलों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
वैश्विक विशेषज्ञों ने बताया महत्वपूर्ण पहल
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शहरी विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सम्मेलन को स्मार्ट सिटीज, सतत विकास और भविष्य की शहरी चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
सम्मेलन के संयोजक प्रो. डॉ. अजय कुमार पांडे रहे। आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड में आधुनिक शहरी विकास, तकनीकी नवाचार, वैश्विक निवेश और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।





