उत्तराखंड

ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत प्रचार वाहन रवाना

चौपाल-2026 में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, स्थानीय उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर

टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त(दिलीप शर्मा): जनपद टिहरी गढ़वाल में शुक्रवार को ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखंड की ओर से मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और क्रेता-विक्रेताओं के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना रहा।

 

कार्यक्रम के प्रथम चरण में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय उद्यमों और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में योजना की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से उद्यम आईईसी/प्रचार वाहन को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया गया

प्रचार वाहन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी योजना की जानकारी

प्रचार वाहन के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं उद्यमिता से संबंधित विभिन्न जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के संभावित एवं वर्तमान उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के साथ अपने उत्पादों के लिए बाजार तलाशने और क्रेता-विक्रेता नेटवर्क से जुड़ने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्थानीय उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्यमिता को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही मौजूदगी

उद्यम आईईसी/प्रचार वाहन को फ्लैग ऑफ करने के अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल, राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष एवं दर्जाधारी मंत्री श्रीमती विनोद उनियाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री एवं अन्य पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष खेम सिंह चौहान, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भी प्रतिभाग किया। अधिकारियों ने योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहन देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर फोकस

चौपाल-2026 के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, संभावित खरीदारों से संपर्क स्थापित करने और बाजार की मांग को समझने का अवसर मिला। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन को ग्रामीण उद्यमियों और बाजार के बीच सेतु के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्थानीय स्तर पर संचालित छोटे एवं मध्यम उद्यमों को उचित मार्गदर्शन, बाजार और प्रचार-प्रसार उपलब्ध कराया जाए तो वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

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