



ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी-2026 के उपलक्ष्य में नव मधुबन आश्रम ट्रस्ट की ओर से आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में स्कूली बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से चार दिवसीय ऑडिशन कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को नव मधुबन आश्रम ट्रस्ट में हुआ। ऑडिशन के पहले दिन ग्रुप गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें जूनियर एवं सीनियर वर्ग के स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मधुबन आश्रम के अध्यक्ष परमानंद दास जी महाराज एवं समाजसेवी चंद्रवीर पोखरियाल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागी बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं एवं आयोजकों का ध्यान आकर्षित किया।

जन्माष्टमी से पूर्व चयनित प्रतिभागी देंगे मंचीय प्रस्तुति
आयोजकों के अनुसार ऑडिशन के माध्यम से प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जा रहा है। चयनित प्रतिभागियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व आयोजित होने वाले विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी कला और प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
चार दिवसीय ऑडिशन कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को ग्रुप डांस के लिए बच्चों का ऑडिशन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अन्य सांस्कृतिक विधाओं में भी प्रतिभागियों की प्रतिभा का परीक्षण किया जाएगा।
35 वर्षों से संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ रहा मधुबन आश्रम
इस अवसर पर मधुबन आश्रम के अध्यक्ष परमानंद दास जी महाराज ने कहा कि मधुबन आश्रम द्वारा पिछले लगभग 35 वर्षों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और संस्कारों से जोड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास प्रदान करती हैं। उन्होंने आश्रम की इस पहल को बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक एवं नेक प्रयास बताया।
समाजसेवी चंद्रवीर पोखरियाल ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनकी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आश्रम के भक्तों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आश्रम से जुड़े भक्तों एवं सहयोगियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर अजीत दास प्रभु जी, मुकुल शर्मा, राहुल पोखरियाल, अंकित, राज किशोर, गंगा प्रिया सहित अन्य भक्तों ने व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।
ऑडिशन में शामिल बच्चों और उनके अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में होने वाले ऑडिशन में भी बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के प्रतिभाग करने की उम्मीद है। चार दिवसीय चयन प्रक्रिया के बाद चयनित प्रतिभाओं को जन्माष्टमी के अवसर पर मंच प्रदान किया जाएगा।





