विशेष गहन पुनरीक्षण में दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज
टिहरी में 31 अगस्त तक पूरी होगी सुनवाई, 15 सितंबर को प्रस्तावित है अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन




टिहरी, 18 अगस्त(दिलीप शर्मा): विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावली में प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार स्थित कार्यालय कक्ष में बैठक आयोजित की गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनपद के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की गईं। प्राप्त दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक पूरी की जानी है, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित किया जाना प्रस्तावित है।
छह विधानसभा क्षेत्रों में 4.63 लाख से अधिक मतदाता
14 जुलाई 2026 को प्रकाशित निर्वाचक नामावली के अनुसार टिहरी गढ़वाल जनपद की छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 994 मतदान केंद्र हैं। इन केंद्रों पर कुल 4,63,628 मतदाता पंजीकृत हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार मतदाताओं की संख्या में घनसाली में 85,081, देवप्रयाग में 75,437, नरेंद्रनगर में 79,199, प्रतापनगर में 74,237, टिहरी में 66,877 तथा धनोल्टी में 82,797 मतदाता शामिल हैं।
1.17 लाख से अधिक नोटिस जारी, 82 हजार से अधिक मामलों में सुनवाई
प्रकाशित निर्वाचक नामावली के बाद अनमैप एवं विसंगति की श्रेणी में चिह्नित निर्वाचकों को नोटिस जारी कर सुनवाई की जा रही है। जनपद में अब तक कुल 1,17,501 नोटिस जारी एवं वितरित किए गए हैं। इनमें से 82,801 मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 34,700 मामले सुनवाई के लिए शेष हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई की अंतिम तिथि भी निर्धारित की गई है। देवप्रयाग एवं प्रतापनगर में 25 अगस्त, धनोल्टी में 27 अगस्त, जबकि घनसाली, नरेंद्रनगर एवं टिहरी विधानसभा क्षेत्रों में 31 अगस्त 2026 तक सुनवाई पूरी की जानी है।
3,964 नए दावे-आपत्तियां प्राप्त
अर्ह नागरिकों एवं निर्वाचकों से दावे एवं आपत्तियों के तहत प्रारूप-6, 6क, 7 एवं 8 में कुल 3,964 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पूर्व से लंबित मामलों को शामिल करने के बाद निस्तारण के लिए कुल 6,990 प्रकरण उपलब्ध हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित पक्षों को सुनवाई से पूर्व कम से कम सात दिन का स्पष्ट नोटिस दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा स्थलीय सत्यापन एवं जांच की जाएगी, जिसके बाद सुनवाई कर प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा।
राजनीतिक दलों को हर सप्ताह उपलब्ध कराई जाएगी दावे-आपत्तियों की सूची
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की सूची प्रत्येक सप्ताह मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे उसका परीक्षण कर सकें। संबंधित सूचियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की वेबसाइट, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के नोटिस बोर्ड तथा संबंधित मतदेय स्थलों पर भी जनसामान्य के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेंगी।
विलोपन संबंधी मामलों में होगा विशेष क्रॉस-वेरिफिकेशन
निस्तारण प्रक्रिया की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ, सुपरवाइजर, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा उच्च स्तर पर स्थलीय सत्यापन, परीक्षण जांच और पुनः जांच की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों के अनुसार यदि बड़ी संख्या में विलोपन संबंधी आपत्तियां प्राप्त होती हैं अथवा किसी एक व्यक्ति के विरुद्ध बड़ी संख्या में विलोपन आपत्तियां प्रस्तुत की जाती हैं, तो ऐसे मामलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर से विशेष क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
बिना जांच और अवसर दिए नहीं हटाया जाएगा नाम
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा बिना जांच, संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिए तथा उचित अवसर प्रदान किए बिना निर्वाचक नामावली से किसी भी प्रविष्टि को हटाया नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील कर सकता है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से असंतुष्ट होने पर निर्धारित अवधि के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील का भी प्रावधान है।
निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने सभी संबंधित अधिकारियों तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपादित करने में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक के अधिकारों का ध्यान रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाए।
बैठक में डीडीओ मो. असलम, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जवाहर सिंह, वरिष्ठ सहायक मनोज भट्ट, भाजपा की ओर से राजेंद्र प्रसाद डोभाल, जयेन्द्र पंवार एवं रामलाल नौटियाल, कांग्रेस से देवेन्द्र नौडियाल, लखवीर चौहान, सन्तोष एवं अरुण सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





