उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

आपदा प्रबंधन की बैठक में डीएम नितिका खंडेलवाल ने दिए सख्त निर्देश

भूस्खलन, पेयजल, सड़कों, पशुधन और पुनर्वास से जुड़े मामलों की हुई समीक्षा; निर्माण से पहले भू-वैज्ञानिक जांच अनिवार्य करने पर जोर

टिहरी गढ़वाल, 18 अगस्त(दिलीप शर्मा): जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जनपद स्तरीय समिति की बैठक जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में भूस्खलन, पेयजल आपूर्ति, सड़क सुरक्षा, पशुधन प्रबंधन और पुनर्वास से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में तत्परता के साथ कार्य करने तथा जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कद्दूखाल के समीप भूस्खलन पर निजी व्यक्ति को नोटिस के निर्देश

धनोल्टी क्षेत्र के ग्राम उनियाल, कद्दूखाल के समीप हुए भूस्खलन के मामले की समीक्षा के दौरान एसडीएम कमलेश मेहता ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा निजी भूमि है, जबकि कुछ भाग सरकारी भूमि में आता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार निजी व्यक्ति द्वारा की गई खुदाई के कारण भूमि में अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हुई है।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निजी व्यक्ति को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा भू-कटाव से पहले स्थल की तकनीकी जांच और आवश्यक अनुमति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भू-वैज्ञानिक, लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति निर्माण कार्यों से पूर्व स्थल की स्थिति का परीक्षण करेगी। साथ ही अधिशासी अभियंता लोनिवि थत्यूड़ को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवश्यकतानुसार लैंड स्टेबिलाइजेशन के कार्य कराने के निर्देश दिए गए।

सी-ब्लॉक भूस्खलन और हर घर जल योजना की भी समीक्षा

बैठक में नई टिहरी के सी-ब्लॉक क्षेत्र में हुए भूस्खलन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही जल संस्थान से संबंधित हर घर जल योजना के विभिन्न प्रकरणों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने पेयजल से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने और लोगों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

पीएमजीएसवाई के सतेगल मोटर मार्ग तथा जौनपुर क्षेत्र के किलोमीटर 1 एवं 6 स्थित मरोड़ा-बनाली-कुंड मोटर मार्ग के स्थायीकरण से संबंधित कार्यों पर भी चर्चा की गई।

विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विद्यालयों में पेयजल की समुचित एवं नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

वहीं, चेनलाइजेशन कार्य वाले क्षेत्रों में कार्य पूर्ण होने के बाद सत्यापित लॉगबुक के आधार पर ही ईंधन व्यय का भुगतान करने के निर्देश दिए गए, ताकि सरकारी धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे।

मॉर्चरी वैन का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश

सीएमओ डॉ. राम टिहरी ने आपदा के दौरान उपयोग में आने वाली मॉर्चरी वैन के संबंध में बैठक में जानकारी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने मॉर्चरी वैन के लिए आवश्यक एस्टीमेट तैयार करने के साथ ही जनपद में वर्तमान में उपलब्ध मॉर्चरी वैन की संख्या, उनकी स्थिति और स्थान की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सभी विकासखंडों में कैटल कैचर की व्यवस्था पर जोर

बैठक में पशुधन से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि सभी विकासखंडों एवं नगर निकायों में कैटल कैचर की व्यवस्था किया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में नरेंद्रनगर और मुनिकीरेती में कैटल कैचर उपलब्ध हैं।

जिलाधिकारी ने शेष विकासखंडों में उपयुक्त स्थानों को चिन्हित कर कैटल कैचर की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को देखते हुए आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है।

विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा से जुड़े मामलों में विभागीय समन्वय बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, आवश्यक तकनीकी जांच और समयबद्ध तरीके से स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया।

बैठक में सीडीओ वरुणा अग्रवाल, एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी, पुनर्वास विभाग से राकेश थपलियाल सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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