उत्तराखंडऋषिकेश

AIIMS ऋषिकेश में SC/ST कर्मचारियों की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

पदोन्नति में आरक्षण और DPC प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की मांग, प्रशासन पर वार्ता नहीं करने का आरोप; नर्सिंग यूनियन ने भी दिया समर्थन

ऋषिकेश,18 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश में SC/ST कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। पदोन्नति में आरक्षण के उचित अनुपालन, विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। ऑल SC & ST एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बावजूद संस्थान प्रशासन की ओर से अब तक भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से वार्ता की पहल नहीं की गई है।

भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों में लोकेंद्र सिंह मीणा, दिनेश राठौर, दर्शन कुमार और युधिष्ठिर मीणा शामिल हैं। एसोसिएशन के अनुसार, कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।

नर्सिंग यूनियन ने भी आंदोलन को दिया समर्थन

आंदोलन को समर्थन देते हुए नर्सिंग यूनियन NPDA के महासचिव चंद्रभान ने भी रविवार शाम छह बजे से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि SC/ST कर्मचारियों को उनका अधिकार नहीं मिलने की स्थिति में इसके लिए AIIMS प्रशासन जिम्मेदार होगा।

10 अक्टूबर की DPC प्रक्रिया पर उठाए सवाल

एसोसिएशन ने 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया और उससे संबंधित आदेशों पर असंतोष जताया है। संगठन की मांग है कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की जाए तथा आरक्षण रोस्टर, ‘ओन मेरिट’ (Own Merit) के सिद्धांत और संबंधित सक्षम प्राधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का नियमानुसार पालन सुनिश्चित किया जाए।

एसोसिएशन ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के लागू दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी मांग की है।

भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायतों की जांच की मांग

आंदोलनरत कर्मचारियों ने SC/ST कर्मचारियों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने और भेदभाव अथवा उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और आरक्षण संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संस्थान में पारदर्शी और नियमसम्मत प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

प्रशासन से तत्काल वार्ता शुरू करने की अपील

एसोसिएशन ने AIIMS प्रशासन से भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ तत्काल वार्ता शुरू करने और उनकी मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि आंदोलन के तीसरे दिन तक संवाद की पहल नहीं होना चिंताजनक है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को कर्मचारियों की समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि संस्थान में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे और किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई होने तक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, पदोन्नति में न्याय और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना ही आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है।

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