चाका में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन
सनातन धर्म की रक्षा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प

चाका/टिहरी,17 फरवरी (दिलीप शर्मा): श्री कोटेश्वर सनातन सेवा समिति द्वारा चाका में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज सहित अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर लवा चाका के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागत गीत के साथ हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम समिति द्वारा मुख्य वक्ताओं का माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर अतिथियों का अभिनंदन किया। ग्राम प्रधान एवं समिति सचिव ने स्वागत भाषण में बच्चों को मोबाइल से दूर रहने तथा परिवार के साथ समय बिताने की अपील की।
सनातन धर्म पर बढ़ती चुनौतियों पर जताई चिंता
मुख्य वक्ता स्वामी रसिक महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी भारतीय हैं और हमें अपनी पहचान पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैदिक सनातन धर्म अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है। धर्मांतरण और तथाकथित लव जिहाद जैसी गतिविधियां समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि कथाओं और प्रवचनों के माध्यम से वह सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। क्षेत्र के कुछ गांवों में धर्मांतरण की घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने समाज से जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि “जैसा खाओ अन्न, वैसा होगा मन” और हमें अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विशेष चर्चा
सह प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर ने भगवान श्रीराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में महापुरुषों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष है और संघ ने सौ वर्षों में समाज जागरण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही और समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही पश्चिमी संस्कृति की बढ़ती प्रवृत्ति और प्रलोभन के कारण हो रहे धर्मांतरण पर भी चिंता व्यक्त की।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महामंत्री आदित्य कोठारी, हिंदू सुरक्षा संघ उत्तराखंड के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष वीर सिंह रावत सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
इसके साथ ही धन सिंह सजवाण, दिनेश उनियाल, ज्योति पंत, मुनेन्द्र उनियाल, गजेंद्र खाती, जगत सिंह असवाल, राजेंद्र खाती, हिमांशु बिजल्वाण, राजपाल पुडीर, विनय रणाकोटी, रोशन राणा, सुरेश कोठारी, संतोष चंद सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व युवा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का लिया गया संकल्प
सम्मेलन के समापन पर वक्ताओं ने समाज को एकजुट होकर सनातन संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक परंपराओं की रक्षा करने का आह्वान किया। उपस्थित जनसमूह ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।









