‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में जनसमस्याओं का त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री के निर्देशन में मुनिकीरेती में आयोजित हुआ जनसुनवाई शिविर

मुनिकीरेती/टिहरी (दिलीप शर्मा): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन एवं जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल के मार्गदर्शन में शुक्रवार को मुनिकीरेती ढालवाला मे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान करना रहा।

रामलीला प्रांगण में लगा समाधान शिविर
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में रामलीला प्रांगण, 14 बीघा ढालवाला क्षेत्र स्थित नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती में यह शिविर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना गया।

21 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
शिविर में कुल 21 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
शेष शिकायतों को जनसमर्पण पोर्टल पर अपलोड कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विभिन्न विभागों के स्टालों से मिली योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाए गए, जहांजनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।इन स्टालों पर कुल 441 लोगों ने सहभागिता की और सरकारी योजनाओं से संबंधित परामर्श प्राप्त किया।
स्वास्थ्य जांच एवं सामग्री वितरण सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से 146 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, एसडीएम आशीष घिल्डियाल, डीएसओ मनोज डोभाल, ईओ अंकिता जोशी तथा उत्तराखंड पेय जल निगम के अधिशासी अभियंता प्रवीण साह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने स्वयं स्टालों का निरीक्षण कर जनता से संवाद किया और समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता दिखाई।
जनसरोकारों को प्राथमिकता देने की पहल
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया कि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।
इस पहल से आम नागरिकों को न केवल त्वरित समाधान मिला, बल्कि उन्हें योजनाओं से जुड़ने का भी अवसर प्राप्त हुआ।
प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत हो









