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ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में चमत्कारिक सर्जरी, महिला की बची जान

डॉक्टरों की टीम ने 8 किलो की रसोली निकालकर रचा चिकित्सा क्षेत्र में मिसाल

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): जिला उप चिकित्सालय ऋषिकेश, जिसे आमतौर पर सरकारी अस्पताल के नाम से जाना जाता है, में चिकित्सकों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता और समर्पण का परिचय देते हुए एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। अस्पताल में लगभग 8 किलो वजनी रसोली को निकालकर एक महिला की जान बचाई गई, जिससे क्षेत्रवासियों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

जानकारी के अनुसार पौड़ी गढ़वाल के कलजीखाल निवासी बीना डबराल (45 वर्ष) पिछले कई वर्षों से पेट दर्द की समस्या से जूझ रही थीं। ऋषिकेश आने पर कराए गए अल्ट्रासाउंड में उनके गर्भाशय में कई रसोलियों की पुष्टि हुई। इसके बाद वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा द्वारा मरीज को भर्ती कर आवश्यक जांच कराई गई।

जांच में महिला में खून की भारी कमी पाई गई, जिसके चलते पहले चार यूनिट रक्त चढ़ाकर उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया। सभी आवश्यक चिकित्सकीय तैयारियों के बाद 5 फरवरी 2026 को डॉ. लोकेश सलूजा के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान करीब 8 किलो वजन और लगभग 18 सेंटीमीटर लंबी रसोली को सुरक्षित रूप से निकाला गया।

इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. लोकेश सलूजा, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. आनंद सिंह राणा सहित नर्सिंग स्टाफ संगीता, नंदनी, सीमा, शोभन और अन्य कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। वहीं उप जिला चिकित्सालय कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष डॉ. विकास धस्दमाना का भी इस दौरान विशेष सहयोग रहा।

अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की इस उपलब्धि की चारों ओर सराहना हो रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद सरकारी अस्पताल की टीम ने जिस कुशलता और संवेदनशीलता के साथ यह सर्जरी की, वह सराहनीय है। यह सफलता न केवल डॉक्टरों की मेहनत और अनुभव का परिणाम है, बल्कि आमजन के लिए भी एक भरोसेमंद संदेश है कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर और सुरक्षित इलाज संभव है।

इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिला उप चिकित्सालय ऋषिकेश क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है।

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