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भरत मंदिर इंटर कॉलेज में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन, शिक्षा मंत्री ने छात्रों को दिया तनावमुक्त रहने का संदेश

डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर सुना प्रधानमंत्री का संबोधन, एनसीसी कैडेट्स ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश में आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विद्यार्थियों के बीच आयोजित किया गया। इस अवसर पर माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी ने छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर कार्यक्रम को सुना और उन्हें परीक्षा में तनावमुक्त रहकर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी।

 

शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि परीक्षा के दौरान अनावश्यक तनाव लेने से केवल नुकसान होता है, जबकि शांत मन से परीक्षा देने पर अच्छे अंक प्राप्त होते हैं और स्वास्थ्य भी उत्तम बना रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य जी महाराज, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल, खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट तथा प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों को जीवन में अपनाने की सलाह दी और ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम को छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

कार्यक्रम के दौरान सीनियर एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट्स द्वारा शिक्षा मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस पर शिक्षा मंत्री ने एनसीसी कैडेट्स की सराहना करते हुए कहा कि कठोर प्रशिक्षण से ही अनुशासित और सक्षम कैडेट तैयार होते हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, शिव प्रसाद बहुगुणा, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, जयकृत सिंह रावत, जितेंद्र बिष्ट, रंजन अंथवाल, जूनियर विंग के एनसीसी अधिकारी विकास नेगी, विवेक शर्मा, अजय कुमार, सुनील थपलियाल, हरि सिंह, नीलम जोशी, शालिनी कपूर, ज्योतिरमय शर्मा, निवेदिता अग्रवाल सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना तथा परीक्षा को सकारात्मक दृष्टिकोण से लेने के लिए प्रेरित करना रहा, जिसमें विद्यालय परिवार ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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