
यमकेश्वर/पौड़ी, 6 फरवरी (दिलीप शर्मा): इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के लोकार्पण अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को यमकेश्वर पहुंचे। कार्यक्रम से पूर्व दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
पूजा-अर्चना के उपरांत दोनों मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त रूप से इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया और इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
शिक्षा सबसे बड़ा आभूषण : मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है।
उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उत्तराखंड सरकार ने 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए हैं। सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवनिर्मित भवन क्षेत्र के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
योगी आदित्यनाथ प्रेरणास्रोत : धामी
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि वे सुरक्षा, सुशासन और विकास के क्षेत्र में पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि योगी आदित्यनाथ ने यहीं से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचान बनाई है। उनका जीवन सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की मिसाल है।
संस्कार और संस्कृति से जुड़े हों विद्यालय : मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम मात्र है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन भी जरूरी है। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत आधारशिला रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष बल
मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें व्यवहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भवन की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है, उसी प्रकार शिक्षण की गुणवत्ता भी उच्चस्तरीय होनी चाहिए। शिक्षा में नवाचार से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा और पलायन पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जनप्रतिनिधियों का जोर
कार्यक्रम में सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नवनिर्मित भवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दिया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालय की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए प्रांतीयकरण की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने विद्यालय के प्रांतीयकरण एवं विज्ञान विषय की कक्षाएं प्रारंभ कराने की मांग रखी।
मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में—
कक्षा 6 के नमन रावत,
कक्षा 7 के हर्ष चौहान,
कक्षा 8 की आरती चौहान,
कक्षा 9 के सचिन बडोला,
कक्षा 10 की कु. दीपाली,
कक्षा 11 के अभिषेक बडोला,
कक्षा 12 की कु. पल्लवी शामिल रहे।
प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने नवनिर्मित भवन को क्षेत्र के शैक्षिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की।









