उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेतीस्वतंत्रता दिवस

श्री पूर्णानंद इंटर कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस

प्रधानाचार्य अजीत पाल सिंह ने किया ध्वजारोहण, देशभक्ति गीतों, लोकनृत्य और ओजस्वी भाषणों ने बांधा समां

मुनिकीरेती/टिहरी,15 अगस्त(दिलीप शर्मा): श्री पूर्णानंद इंटर कॉलेज, कैलाश गेट मुनिकीरेती में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह का शुभारंभ प्रधानाचार्य अजीत पाल सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया। ध्वजारोहण के साथ ही विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष किए।

ध्वजारोहण के बाद प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

ध्वजारोहण के उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार बना दिया। उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने आकर्षक लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। पहाड़ की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।

इसके बाद विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत लोकगीतों एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम और भावनाओं से भर दिया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा।

हिंदी और अंग्रेजी में दिए ओजस्वी भाषण

समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रभावशाली एवं ओजस्वी भाषण प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों और अमर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता अनेक वीरों के त्याग और संघर्ष का परिणाम है। आज की युवा पीढ़ी का दायित्व है कि वह राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए तथा देश सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाए।

“शिक्षा और संस्कार राष्ट्र निर्माण की नींव”—प्रधानाचार्य

समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत पाल सिंह ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी और जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों को भी अपने आचरण में उतारना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करें और भविष्य में अपने कार्यों के माध्यम से देश तथा समाज की सेवा में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल देश की जिम्मेदारियों को संभालेंगे, इसलिए उनके भीतर राष्ट्रप्रेम और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करना बेहद आवश्यक है।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर विद्यालय में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रधानाचार्य द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षक-शिक्षिकाओं की रही महत्वपूर्ण सहभागिता

समारोह के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में सहयोग किया।

इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य संदीप मोहन, शिक्षक डॉ. विवेकानंद शर्मा, नवीन बडोनी, जयवीर नेगी, उत्तम नेगी, वीरेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, राजू लाल, कुलदीप बिष्ट, शक्षिकायें श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती पूजा नौटियाल, श्रीमती प्रतिमा पंवार, श्रीमती अंबिका नाथ और श्रीमती कविता खारोला सहित विद्यालय के कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक गण मौजूद रहे।

समारोह का समापन राष्ट्रप्रेम और देश सेवा के संकल्प के साथ हुआ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।

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