उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सशक्तीकरण को मिलेगा नया आधार, डीडीआरसी संचालन की कवायद तेज

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक, विभिन्न संस्थाओं के अभिरुचि प्रस्तावों की हुई समीक्षा

नई टिहरी, 30 सितंबर(दिलीप शर्मा): दिव्यांगजनों को पुनर्वास, चिकित्सा, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही केंद्र से उपलब्ध कराने की दिशा में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के संचालन की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीडीआरसी के संचालन के लिए विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों की पात्रता, अनुभव, संसाधनों और निर्धारित मानकों के आधार पर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी ने डीडीआरसी की कार्यप्रणाली तथा केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास एवं परामर्श, दिव्यांगता का आकलन, सहायक उपकरण, फिजियोथेरेपी एवं आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा कौशल विकास, स्वरोजगार संबंधी मार्गदर्शन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

संस्थाओं ने प्रस्तुत की संचालन कार्ययोजना

बैठक के दौरान विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने डीडीआरसी के संचालन को लेकर अपनी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान संस्थाओं ने उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी क्षमता, आवश्यक उपकरण, पूर्व में संचालित कार्यक्रमों तथा प्रस्तावित सेवाओं की जानकारी समिति के समक्ष रखी।

बैठक में अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं विभिन्न लाभों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण किया गया। अधिकारियों ने केंद्र के माध्यम से सेवाओं की पहुंच को प्रभावी और व्यवस्थित बनाए जाने को लेकर आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की।

निर्धारित मानकों पर प्रस्तावों का परीक्षण

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों की जानकारी लेते हुए उनकी पात्रता, अनुभव, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित कार्यों का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण किया। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860, दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण समेत अन्य आवश्यक मानकों की भी जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने डीडीआरसी के संचालन से जुड़ी प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। समिति ने प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति व्यक्त की।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, लीड बैंक अधिकारी मनीष मिश्रा, सीएमएस टिहरी डॉ. बृजेश डोभाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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