नगर पालिका अध्यक्ष नीलम निजल्वाण ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
प्रेस वार्ता में बोलीं– पारदर्शिता से हो रहे हैं सभी विकास कार्य

मुनिकीरेती/टिहरी (दिलीप शर्मा): नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती की अध्यक्ष श्रीमती नीलम निजल्वाणे ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अपने तथा पालिका प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक द्वेष और दुर्भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता का विश्वास और पारदर्शी कार्यप्रणाली ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ऐतिहासिक जीत बनी कारण: अध्यक्ष
अध्यक्ष नीलम निजल्वाणे ने कहा कि वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में प्रदेश में सर्वाधिक मतों से विजयी हुई हैं। इसी कारण कुछ लोग चुनाव के बाद से ही उनसे रंजिश रखते हैं और समय-समय पर प्रदर्शन व सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार करते रहते हैं।
निविदा प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत: अध्यक्ष
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए दो टेंडरों में सभी प्रक्रियाएं अधिप्राप्ति नियमावली-2025 के अनुसार संपन्न की गईं।
- कूड़ा घर में सुरक्षा दीवार व आरसीसी निर्माण कार्य में 13 निविदादाताओं ने भाग लिया।
- शीशमझाड़ी सामुदायिक भवन निर्माण में भी 13 निविदादाताओं ने भागीदारी की।
दोनों मामलों में एक से अधिक तकनीकी रूप से योग्य निविदादाता पाए गए, जिसके बाद ही वित्तीय बिड खोली गई।
कम दरों पर मिले टेंडर, पालिका को हुआ लाभ
अध्यक्ष ने बताया कि कूड़ा घर निर्माण कार्य 19 प्रतिशत कम दर पर तथा सामुदायिक भवन निर्माण 18.02 प्रतिशत कम दर पर प्राप्त हुआ। इससे नगर पालिका को लाखों रुपये की बचत हुई।
उन्होंने कहा कि क्या इतनी पारदर्शिता के बाद भी कोई टेंडर फिक्स होने का आरोप लगा सकता है?
निविदा निरस्तीकरण भी नियमों के अंतर्गत
उन्होंने स्पष्ट किया कि निविदाओं को निरस्त या स्वीकार करने का अधिकार निविदा समिति को है, जो नियमों में स्पष्ट रूप से निहित है। पूर्व में भी कई निविदाएं प्रशासनिक कारणों से निरस्त की गई हैं।
पार्किंग टेंडर से बढ़ा पालिका का राजस्व
अध्यक्ष ने बताया कि कुंभ मेला पार्किंग टेंडर को राजस्व हानि की आशंका के चलते निरस्त किया गया था। पुनः निविदा आमंत्रित होने के बाद अधिक धनराशि प्राप्त हुई, जिससे पालिका को लाभ हुआ और राज्य वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान में लगभग 50 लाख रुपये की वृद्धि हुई।
अतिक्रमण पर दोहरे मापदंड का आरोप
पूर्व सभासद अनुराग पयाल पर टिप्पणी करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों पर स्वयं अतिक्रमण के आरोप हैं, वे दूसरों पर आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
घूस के आरोप पर सख्त रुख
अंशुल रावत द्वारा लगाए गए 11 लाख रुपये की घूस के आरोप को अध्यक्ष ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यदि इसे सिद्ध नहीं किया गया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी।
जनहित और विकास ही प्राथमिकता: नीलम निजल्वाण
अध्यक्ष ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य नगर के विकास और जनहित की रक्षा करना है। सभी कार्य पारदर्शिता, नियमों और ईमानदारी के साथ किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए झूठा प्रचार कर रहे हैं, लेकिन जनता सच्चाई जानती है। नगर पालिका विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है।”
पत्रकार वार्ता से स्पष्ट है कि –
नगर पालिका अध्यक्ष नीलम निजल्वाण द्वारा प्रस्तुत तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और नियमों का पालन किया जा रहा है। कम दरों पर टेंडर प्राप्त होना और राजस्व में वृद्धि उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। विरोधियों के आरोपों के बीच भी विकास कार्यों को प्राथमिकता देना उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।









