
ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): नगर निगम ऋषिकेश ने शहर को स्वच्छ, पवित्र और स्वस्थ बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए विशेष उपविधि लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मंदिरों, शिक्षण संस्थानों और गंगा घाटों के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

देश के चुनिंदा शहरों में शामिल हुआ ऋषिकेश
नगर निगम कार्यालय में माननीय महापौर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त श्री गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि यह मॉडल वर्तमान में देश के केवल 7 से 8 शहरों में ही लागू है। इसे अपनाने वाला ऋषिकेश उत्तराखंड का पहला शहर बन गया है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम और नागरिकों दोनों के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि इससे जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऋषिकेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।

मंदिर, स्कूल और घाटों के आसपास ‘नो टोबैको जोन’
धार्मिक मर्यादा और युवाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम ने कड़ा निर्णय लिया है। अब किसी भी मंदिर परिसर, विद्यालय, शिक्षण संस्थान और गंगा घाट के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदार का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा और चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
अब तंबाकू विक्रेताओं का पंजीकरण अनिवार्य
नगर निगम ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि शहर में 134 दुकानों को तंबाकू विक्रय हेतु चिह्नित किया गया है, जिनमें से अब तक 18 दुकानों का पंजीकरण हो चुका है।
शेष दुकानों को जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। बिना लाइसेंस बिक्री को अवैध माना जाएगा और संबंधित दुकानों पर सख्त कार्रवाई होगी।
जागरूकता अभियान में बालाजी सेवा संस्थान का सहयोग
नगर निगम इस अभियान को बालाजी सेवा संस्थान के सहयोग से आगे बढ़ा रहा है। संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा तंबाकू से होने वाले कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल नियंत्रण ही नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
महापौर बोले: स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
इस अवसर पर माननीय महापौर ने कहा,
“देवभूमि के द्वार और योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के रूप में ऋषिकेश की पवित्रता और नागरिकों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। तंबाकू हमारी युवा पीढ़ी के लिए धीमा जहर है। इसे देखते हुए हमने इसकी बिक्री को व्यवस्थित करने का निर्णय लिया है। मंदिरों, स्कूलों और गंगा घाटों के आसपास तंबाकू की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने बालाजी सेवा संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए सभी नागरिकों से ऋषिकेश को नशा मुक्त और स्वस्थ बनाने में सहयोग की अपील की।
बैठक में अधिकारी और विशेषज्ञ रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त श्री गोपाल राम बिनवाल, प्रभारी कर अधीक्षक भारती, बालाजी सेवा संस्थान से डॉ. सोनम, डॉ. राना जे. सिंह, मोर्गन क्रेहर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









