उत्तराखंडदेहरादून

धौलास भूमि प्रकरण में प्रशासन का सख्त एक्शन, अनियमित बिक्री की जांच शुरू

सीएम के निर्देश पर डीएम ने गठित की संयुक्त टीम, पैमाइश के साथ गहन जांच

देहरादून, (दिलीप शर्मा) : हर्रावाला क्षेत्र के धौलास गांव स्थित शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कृषि भूमि की कथित अनियमित बिक्री के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम द्वारा संबंधित भूमि का स्थलीय निरीक्षण एवं पैमाइश कराई गई। टीम में तहसील प्रशासन, वन विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

शैक्षणिक उद्देश्य से मिली थी भूमि, शर्तों के उल्लंघन की जांच

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट को पूर्व में यह भूमि शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए आवंटित की गई थी। वर्तमान में यह जांच की जा रही है कि आवंटन की शर्तों का पालन किया गया या नहीं और भूमि का वर्तमान स्वरूप क्या है।

प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या भूमि का उपयोग कृषि के अलावा अन्य कार्यों में किया गया।

20 एकड़ भूमि का बड़ा सौदा, छोटे भूखंडों में हुई बिक्री

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट द्वारा लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि को पहले 15 व्यक्तियों को बड़े भूखंडों के रूप में बेचा गया। इसके बाद इन खरीदारों द्वारा भूमि को 70 से 80 अन्य लोगों को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर विक्रय किया गया।

जबकि अनुमति इस शर्त पर दी गई थी कि भूमि कृषि स्वरूप में ही रहेगी और उसे अकृषि घोषित नहीं किया जाएगा।

पैमाइश रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि पैमाइश की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रकरण में जमींदारी एक्ट के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

अवैध प्लाटिंग पर पहले ही चला एमडीडीए का बुलडोजर

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा पूर्व में धौलास क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। इस दौरान अवैध बाउंड्री, आंतरिक मार्गों एवं अन्य संरचनाओं को ध्वस्त किया गया था।

साथ ही क्षेत्र में नोटिस बोर्ड लगाकर आम जनता से अवैध प्लाटिंग में निवेश न करने की अपील भी की गई है।

निरीक्षण में कई अधिकारी रहे मौजूद

स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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