मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि नियंत्रण पर सरकार सख्त वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वन विभाग को दिए स्पष्ट निर्देश
शीतकालीन पर्यटन, पारदर्शिता और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर

देहरादून, 16 दिसंबर (दिलीप शर्मा): राजपुर रोड स्थित राज्य वन मुख्यालय में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में वन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को प्रभावी रूप से कम करने के लिए ठोस एवं समयबद्ध रणनीति अपनाने, वनाग्नि की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने तथा विभागीय कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
वन मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी की जाए और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से मानव-वन्यजीव टकराव को न्यूनतम किया जाए। उन्होंने वन सुरक्षा, संरक्षण और विकास से संबंधित सभी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर बल देते हुए शासन स्तर पर लिए गए निर्णयों के प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जाए तथा जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ संवाद को और सशक्त किया जाए। पंपलेट, बैनर, होर्डिंग और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों से आमजन को वन्यजीवों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। आबादी वाले इलाकों से वन्यजीवों को दूर रखने के लिए आधुनिक उपकरणों, सोलर लाइट और पिंजरों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में संबंधित एसडीओ और डीएफओ को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश भी दिए गए।
वन मंत्री ने प्रदेश में हक-हकूक से संबंधित समय सारिणी और स्वीकृति प्रक्रिया की शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कीड़ा जड़ी संरक्षण, विपणन और वानिकी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए। नर्सरी वृक्षारोपण योजना के एक्शन प्लान को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने और ईको-टूरिज्म गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने पेड़ों की प्रजातियों में छूट और पेड़ कटान की अनुमति प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली को शीघ्र पुनः शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत विभागीय कार्यों को तेजी से पूरा करने पर बल दिया।
जायका और कैंपा योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए वन मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत बजट का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा तैयार एसओपी को तत्काल लागू करने तथा शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों को गति देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एचओएफएफ रंजन मित्र, पीसीसीएफ बी. पी. गुप्ता, पीसीसीएफ कपिल लाल, पीसीसीएफ सुबुधी सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के डीएफओ मौजूद रहे।









