उत्तराखंडऋषिकेश

विश्व स्तनपान सप्ताह पर एम्स ऋषिकेश का जनजागरूकता अभियान

रायवाला पीएचसी में आयोजित ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’, नाटक व विशेषज्ञों के व्याख्यान से बताया स्तनपान का महत्व

ऋषिकेश (रायवाला), 5 अगस्त, 2025 –विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा रायवाला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) में विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य माताओं और समुदाय को स्तनपान के महत्व से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’, जिसमें प्रतिभागी बच्चों के स्वास्थ्य मापदंडों के आधार पर चयन किया गया। कार्यक्रम में एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा, “मां का दूध नवजात शिशु के लिए अमृत के समान है। इससे न केवल बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है, बल्कि यह कई बीमारियों से सुरक्षा भी प्रदान करता है।”

प्रो. जया चतुर्वेदी (डीन एकेडमिक) और प्रो. बी. सत्या श्री (चिकित्सा अधीक्षक) ने स्तनपान को “शिशु का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अधिकार” बताया। उन्होंने कहा कि जन्म के पहले छह महीने तक केवल मां का दूध ही शिशु को पूर्ण पोषण प्रदान करता है।

सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना ने बताया कि कामकाजी महिलाओं को भी स्तनपान को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि शिशु को समुचित पोषण मिल सके। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि मां के दूध में प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और एंटीबॉडीज होते हैं जो शिशु को संक्रमण और रोगों से बचाते हैं।

डॉ. महेन्द्र सिंह ने स्वस्थ शिशु कार्यक्रम को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। कार्यक्रम के दौरान एम्स ऋषिकेश के इंटर्न डॉक्टरों द्वारा स्तनपान पर एक मनोरंजक और प्रेरक नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. मीनाक्षी खापरे ने स्तनपान के महत्व को समझाते हुए मां और शिशु दोनों के लिए इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी बताया।

इस अवसर पर पीएचसी रायवाला के चिकित्साधिकारी डॉ. अमित बहुगुणा, एम्स के डॉ. तेजा, डॉ. सेवाप्रीत, डॉ. ज्ञानेश्वरी, डॉ. रिया, मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ के छात्र-छात्राएं, पीएचसी स्टॉफ और स्थानीय जनसमुदाय मौजूद रहा।

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