उत्तराखंडएम्स ऋषिकेश

एम्स ऋषिकेश के डॉक्टर ने की आत्महत्या, कमरे से मिला सुसाइड नोट

ऋषिकेश / देहरादून – कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रांतर्गत एम्स ऋषिकेश में कार्यरत एक डॉक्टर ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार 15 सितम्बर की दोपहर की बताई जा रही है। मृतक डॉक्टर का शव हॉस्टल के कमरे से बरामद हुआ।

कोतवाली ऋषिकेश से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. जगपति बाबू (उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी आंध्र प्रदेश), जो बीते तीन वर्षों से एम्स के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में कार्यरत थे, आज अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और न ही फोन रिसीव कर रहे थे। इस पर उनके साथियों डॉ. मांन्सा कंन्था, डॉ. किसान्थ और डॉ. संदीप ने मामले की जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. कल्याणी को दी।

सूचना पर हॉस्टल वार्डन आशीष के साथ सभी डॉक्टर मृतक के कमरे (हॉस्टल नं. 85, तीसरी मंजिल, रूम नं. 85308) पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने पर आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में डॉ. जगपति बाबू बिस्तर पर पड़े मिले, जिनके बाएं हाथ पर ग्लूकोज चढ़ा हुआ था।

मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें मृतक ने जीवन से निराश होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। साथ ही मृतक के साथियों ने बताया कि बीते शनिवार को उन्होंने पेट दर्द की शिकायत की थी।

सूचना पर 108 एंबुलेंस को बुलाकर मृतक को एम्स अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। परिजनों के आने के बाद अग्रिम पंचायतनामा एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जाएगी। मौके पर एफ.यू. को भी सूचित किया गया है।

Related Articles

Back to top button