पौड़ी/परमार्थ निकेतन (दिलीप शर्मा), 19 अक्टूबर : रूप चतुर्दशी के पावन अवसर पर विख्यात आध्यात्मिक गायक पद्मश्री कैलाश खेर परमार्थ निकेतन पहुँचे और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर कैलाश खेर ने अपनी मधुर वाणी में भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा परमार्थ गंगा तट भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा। उपस्थित श्रद्धालु और साधक भावविभोर होकर भक्ति में लीन हो गए।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि दीपावली केवल बाहरी दीपों का पर्व नहीं, बल्कि आंतरिक जागृति, प्रकाश और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने “दीपों वाली, स्वदेशी वाली दीपावली” मनाने का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण का भी आह्वान किया।
साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि नरक चतुर्दशी अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें भीतर के नकारात्मक भावों को त्यागकर प्रेम, करुणा और सकारात्मकता का दीप जलाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कैलाश खेर को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर हरित और स्वच्छ दीपावली का संदेश दिया। परमार्थ गंगा आरती में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने सहभाग कर विश्व शांति और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।










