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संवेदनशील मार्गों पर बढ़ेगी सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी सख्त

चंबा–उत्तरकाशी मार्ग पर भूस्खलन उपचार, क्रैश बैरियर और ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन पर जोर; चारधाम यात्रा में रात्रि सफर से बचने के निर्देश

NHऋषिकेश  कीर्तिनगर BRO अंतर्गत एवं ऋषिकेश कीर्ति नगर PWD श्रीनगर मार्ग पर तैनात जेसीबी /पोकलैंड विवरण

टिहरी गढ़वाल,(दिलीप शर्मा): जनपद टिहरी गढ़वाल में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा उपायों को तत्काल प्रभाव से मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। चंबा, कुंजापुरी और देवप्रयाग क्षेत्रों में हाल ही में हुए हादसों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

जिलाधिकारी ने चंबा–उत्तरकाशी सड़क के सभी संवेदनशील स्थलों पर भूस्खलन उपचार कार्य प्राथमिकता से कराने, जेसीबी मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा उनकी सूची विभागों के साथ साझा करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग, चंबा के अधिशासी अभियंता जगदीश खाती ने बताया कि चंबा–नैल मार्ग पर 15 पैरापेट लगाए जा चुके हैं और आगे क्रैश बैरियर लगाने की कार्यवाही प्रस्तावित है।

बैठक में एआरटीओ सतेंद्र राज ने राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और अन्य जिला मार्गों पर हुई दुर्घटनाओं, घायलों व मृतकों के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने चेक पोस्ट, एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) प्रणाली की स्थिति से भी अवगत कराया। साथ ही ढलान वाले मार्गों पर रंबल स्ट्रिप्स बनाने तथा यात्रियों को वाहन के ब्रेक, टायर, क्लच और हैंडब्रेक की नियमित जांच के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई और दुर्घटनाओं से जुड़े अभियोगों की जानकारी भी साझा की गई।

एसएसपी श्वेता चौबे ने नैल–चंबा मार्ग पर हाल ही में हुए हादसे के स्थल को ब्लैक स्पॉट घोषित कर उसके विस्तृत अध्ययन का सुझाव दिया। उन्होंने चारधाम यात्रा सीजन के दौरान रात्रि में यात्रा से बचने तथा प्रातः 4 बजे के बाद ही यात्रा शुरू करने संबंधी सरकारी आदेशों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया।

ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने तछला जैसे ढलान वाले मार्गों पर स्पीड साइन बोर्ड लगाने, दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच, वाहनों की फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस (विशेषकर हिल लाइसेंस) की जांच तथा पार्किंग समस्या के समाधान के सुझाव दिए। इस पर जिलाधिकारी ने डंपिंग जोन को समतल कर पार्किंग के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एडीएम शैलेंद्र नेगी, एएसपी दीपक, सभी एसडीएम, एआरटीओ सतेंद्र राज, बीआरओ के एस.एस. रावत तथा ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी गजेंद्र सिंह नेगी, सुरेश तिवारी, अमर सिंह रावत और बिजेंद्र सिंह कंडारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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