
देहरादून, 5 मई(दिलीप शर्मा): उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियों के एक प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश के वीरभद्र क्षेत्र निवासी शशि शरण नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणियाँ की गईं, जो राजनीतिक रूप से सशक्त हो रही महिलाओं की गरिमा एवं सम्मान के प्रतिकूल हैं। आयोग के अनुसार, ये टिप्पणियाँ सार्वजनिक जीवन में अपेक्षित शिष्टाचार के मानकों का उल्लंघन करती हैं तथा माननीय प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी प्रतीत होती हैं।
मामले को गंभीर मानते हुए आयोग की अध्यक्ष ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि प्रकरण की विधिसम्मत जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अध्यक्ष कंडवाल ने कहा कि भारतीय संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन यह अधिकार मर्यादाओं और कानूनी सीमाओं के अधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अभद्र, अपमानजनक या भ्रामक टिप्पणी, जो महिलाओं की गरिमा या सार्वजनिक पदों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाती हो, किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होकर देश का नाम रोशन कर रही हैं, ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणियाँ अत्यंत निंदनीय हैं।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर उसकी जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
राज्य महिला आयोग ने पुनः दोहराया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।










