
ऋषिकेश ( दिलीप शर्मा ) : दीपावली की पूर्व संध्या पर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी मंगलवार को अपने परिवार सहित परमार्थ निकेतन पहुंचे, जहां उन्होंने परमार्थ प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती के साथ सायं गंगा आरती में भाग लिया। गंगा आरती के दौरान वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सांसद अनिल बलूनी के कार्यों और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि “बलूनी जी अकड़ से नहीं, पकड़ से जीते हैं। वह उत्तराखंड के विकास के लिए लगातार नई पहलें और प्रयोग करते रहते हैं। उनके कार्यों में सूझबूझ और दूरदर्शिता झलकती है।”
स्वामी चिदानंद ने सांसद बलूनी को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “दीपावली केवल प्रकाश का पर्व नहीं, बल्कि सदाचार, मर्यादा और आध्यात्मिक दिव्यता का उत्सव है।” उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने सदैव धर्म, नीति और नैतिकता का पालन किया, और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारतीय संस्कृति की दिव्य परंपराओं को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “राम आग नहीं, ऊर्जा हैं; राम विवाद नहीं, संवाद हैं; राम विजय नहीं, विनय हैं।” स्वामी चिदानंद ने सभी नागरिकों से अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, जिम्मेदारी और मर्यादा का पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यही सच्ची राष्ट्रसेवा और सनातन सेवा है।
सांसद अनिल बलूनी ने गंगा आरती में सहभागी होकर कहा कि परमार्थ निकेतन की आध्यात्मिक गतिविधियाँ समाज में सेवा, संस्कार और नैतिकता का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि “आध्यात्मिकता और सेवा का संगम जीवन में संतुलन और स्थिरता लाता है, और यही हमारे समाज व राष्ट्र की सच्ची शक्ति है।”
कार्यक्रम के अंत में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सांसद अनिल बलूनी को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।









