एम्स ऋषिकेश में 18 नवंबर से शुरू होगा विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह
स्वास्थ्यकर्मियों को सशक्त बनाने पर रहेगा विशेष फोकस

ऋषिकेश,15 नवंबर (दिलीप शर्मा) : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश में सोमवार, 18 नवंबर से विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह (WAAW) की शुरुआत होने जा रही है। जन-जागरूकता को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से संस्थान ने पूरे महीने चलने वाले शिक्षण, जागरूकता और क्षमता-वर्धन कार्यक्रमों की श्रृंखला तय की है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को सशक्त बनाना और आम जनता को एंटीमाइक्रोबियल स्टुअर्डशिप के महत्व से अवगत कराना है।
एम्स 18 से 24 नवंबर तक विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) जागरूकता सप्ताह मनाएगा। इस वर्ष की वैश्विक थीम “अभी कार्य करें, हमारा वर्तमान सुरक्षित रखें और भविष्य को संरक्षित करें” निर्धारित की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों के लिए एंटीमाइक्रोबियल स्टुअर्डशिप प्रथाओं को मजबूत करने हेतु विशेष ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (TOT) कार्यशाला से होगी।
आयोजन सचिव डॉ. प्रसन के. पांडा ने बताया कि संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम अपने आप में व्यापक और बहुआयामी है। इसमें एम्स के सभी विभाग सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। डॉ. पांडा के अनुसार, इस पहल का प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को संवेदनशील बनाते हुए संस्थान में वैश्विक मानकों पर आधारित एंटीमाइक्रोबियल उपयोग नीति विकसित करना है।
सप्ताह के दौरान विभिन्न सामुदायिक स्थलों पर रोल-प्ले, नाटक, संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आइस-ब्रेकिंग सत्र, संवेदनशीलता कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, एंटीमाइक्रोबियल उपयोग एवं निगरानी रणनीतियों पर प्रशिक्षण तथा बहु-विषयक स्टुअर्डशिप गतिविधियाँ भी शामिल रहेंगी।









