
ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : चंद्रभागा नदी के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा व तटबंधों का आस्था पथ मॉडल पर सौंदर्यीकरण, आईएसबीटी परिसर में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और 400 बसों की भूमिगत पार्किंग निर्माण, साथ ही नगर निगम क्षेत्र के चार वार्डों में सीवर लाइन विस्तार जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर अब तक कोई ठोस प्रगति न होने पर नगर निगम ने कार्यदायी संस्था पर सख्त रुख अपनाया है।
गुरुवार को महापौर कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने 1800 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजनाओं की धीमी प्रगति पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (UUSDA) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का सर्वे कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
आयुक्त ने एजेंसी से एक सप्ताह के भीतर परियोजनाओं से संबंधित लिखित विवरण, अनुमानित लागत और कार्य प्रारंभ की निश्चित तिथि प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
बैठक की अध्यक्षता महापौर शंभू पासवान ने की।
बताया गया कि केएफडब्ल्यू जर्मन बैंक द्वारा वित्तपोषित 1800 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन और जौंक नगर क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं।
बैठक में मेयर शंभू पासवान ने UUSDA अधिकारियों को शहर के प्रमुख तंग चौराहों और तिराहों के तत्काल विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा सीजन से पहले चंद्रभागा पुल तिराहा, नटराज चौक, दून तिराहा और घाट चौक का विस्तार हर हाल में पूरा होना चाहिए, ताकि यात्रा के दौरान लगने वाले भीषण जाम से जनता को राहत मिल सके।
मेयर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा— “अगले यात्रा सीजन में जाम की समस्या नहीं होनी चाहिए। कार्यदायी संस्था समय पर काम पूरा करे।”
बैठक में नगर पालिका मुनिकीरेती की अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी, नगर पंचायत तपोवन की अंजलि रावत, नगर पंचायत जौंक के अधिशासी अधिकारी दीपक शर्मा, तथा UUSDA के अधिकारी जतिन सैनी, दीपेंद्र सिंह, संजीव कुमार और अनीता जैन उपस्थित रहे।









