
ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): नगर निगम ऋषिकेश के माननीय महापौर श्री शम्भू पासवान ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर ऋषिकेश की भविष्य की जल आवश्यकताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपा। इस दौरान महापौर ने जल संरक्षण और वर्षा जल संचय (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

महापौर ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि माँ गंगा के तट पर स्थित ऋषिकेश एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक एवं पर्यटन नगरी है, जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बढ़ती हुई ‘फ्लोटिंग जनसंख्या’ के कारण भविष्य में जल संकट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में समय रहते सुनियोजित प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि नगर निगम ऋषिकेश ने जल संचय और भू-जल संरक्षण की दिशा में एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के अंतर्गत सरकारी भवनों, विद्यालयों और सार्वजनिक पार्कों में आधुनिक वर्षा जल संचय प्रणालियों की स्थापना का प्रस्ताव है। साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण के लिए रिचार्ज शाफ्ट एवं सोखता गड्ढों के निर्माण की योजना बनाई गई है।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र के पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का भी प्रस्ताव रखा गया है, ताकि पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जा सके। वहीं, शहर के प्रमुख पार्कों को ‘वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क’ के रूप में विकसित कर उन्हें जल संचय के मॉडल स्वरूप प्रस्तुत करने की योजना है।
महापौर श्री शम्भू पासवान ने कहा कि ‘जल शक्ति अभियान’ के तहत ऋषिकेश को एक ‘वॉटर सरप्लस’ शहर बनाना नगर निगम का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से इस महत्वाकांक्षी योजना को शीघ्र ही धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे भविष्य में ऋषिकेश को जल संकट से सुरक्षित रखा जा सकेगा।









