जल प्रहरी 2025 का छठा संस्करण : सुजलम भारत की दिशा में सशक्त पहल
जल संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का आधार - स्वामी चिदानंद सरस्वती


दिल्ली/ऋषिकेश, 11 दिसम्बर : नमामि गंगे और विभिन्न संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली में आयोजित जल प्रहरी 2025 के छठे संस्करण का शुभारंभ परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष व आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, पर्यावरणविद पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी सहित अनेक माननीय अतिथि एवं सांसद मौजूद रहे।
जल संरक्षण पर राष्ट्रीय आह्वान
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने जल को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से “जल प्रहरी” बनने और जल की हर बूंद का सम्मान करने की अपील की।

सरकार की जल योजनाओं पर पाटिल का संबोधन
केन्द्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन, नमामि गंगे और भूजल पुनर्भरण योजनाओं की प्रगति का उल्लेख करते हुए जल संरक्षण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
पर्वत संरक्षण का संदेश
हेस्को संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने इंटरनेशनल माउंटेन डे पर पर्वतों की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय मानव जीवन और जल स्त्रोतों का मूल आधार है।
जल योद्धाओं का सम्मान
कार्यक्रम में जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जल योद्धाओं को जल प्रहरी सम्मान से पुरस्कृत किया गया। आयोजन में अनिल सिंह, मनोज पांडेय, संकेत चतुर्वेदी और अजय गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
महान विभूतियों को नमन
बालासाहब देवरस की जयंती और पं. रविशंकर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही संयुक्त राष्ट्र बाल कोश दिवस एवं इंटरनेशनल माउंटेन डे पर विशेष संदेश दिया गया।
संयुक्त आयोजन
नमामि गंगे, दिल्ली मेट्रो, इंडियन ऑयल, एफएचएंडआरए, हर घर जल, सिंघानिया यूनिवर्सिटीज़ सहित अनेक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन जल-जागरण का एक सशक्त राष्ट्रीय आंदोलन बनकर उभरा।









