उत्तराखंड

उपनल कर्मियों की हड़ताल पर शासन सख्त, ‘नो वर्क नो पे’ के निर्देश 

अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची तैयार करने के आदेश, वेतन कटौती व निलंबन की चेतावनी नियमितीकरण और समान वेतन की मांगों के बीच बढ़ सकता है असंतोष 

 

देहरादून, 20 नवम्बर (दिलीप शर्मा) : राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत उपनल कर्मचारियों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाते हुए ‘नो वर्क नो पे’ नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। शासन सचिव दीपेंद्र कुमार चौघरी ने 11 नवंबर को प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि हड़ताल के कारण अपने-अपने कार्यालयों से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति स्थिति तुरंत चिह्नित की जाए।

पत्र में निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले उपनल कर्मियों को निलंबित या अनुपस्थिति के रूप में दर्ज करते हुए उनके वेतन में कटौती की जाए। शासन के इस कदम से हड़ताली कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि हड़ताली कर्मचारी नियमितीकरण, समान कार्य समान वेतन और बेहतर मानदेय की मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

शासन ने संबंधित विभागों, निगमों और संस्थानों को तत्काल सूचना प्रेषित कर निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेशों की अनदेखी करने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सचिव ने पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक को यह भी हिदायत दी है कि वे सभी संबंधित पक्षों को शीघ्र अवगत कराते हुए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।

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