

ऋषिकेश, 30 जनवरी(दिलीप शर्मा): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन में श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आज की गंगा आरती पूज्य बापू को समर्पित की गई।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग और सेवा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने विश्व को यह संदेश दिया कि वास्तविक परिवर्तन आंतरिक शुद्धता और नैतिक मूल्यों से आता है। स्वामी जी ने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सत्यनिष्ठा, अनुशासन और आत्मनिर्भरता को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के माध्यम से बापू के स्वच्छ, सशक्त और नैतिक भारत के संकल्प को दोहराया गया।









