
ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): नगर निगम ऋषिकेश के मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके दिनेश चंद्र मास्टर ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार को अपना त्यागपत्र भेजते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से संगठन की सदस्यता एवं दायित्वों से कार्यमुक्त समझा जाए।

इस्तीफे से कार्यकर्ताओं में असमंजस
दिनेश चंद्र मास्टर के इस अचानक फैसले से उनके समर्थकों और मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं में हड़कंप की स्थिति है। चुनाव के दौरान संगठन ने उनके समर्थन में दिन-रात एकजुट होकर प्रचार-प्रसार किया था और उन्हें मेयर पद तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ऐसे में उनके इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं।
समर्थकों का कहना है कि चुनाव के दौरान संगठन और मास्टर के बीच बेहतर तालमेल दिखाई दिया था, इसलिए इस अप्रत्याशित कदम ने सभी को चौंका दिया है।
“राज्यहित में लेने पड़ते हैं कुछ निर्णय” — मास्टर
इस संबंध में जब दिनेश चंद्र मास्टर से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने इस्तीफे की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उन्होंने मोर्चा की सदस्यता और अपने सभी दायित्वों से त्यागपत्र दे दिया है। हालांकि उन्होंने अपने निर्णय के विस्तृत कारणों का खुलासा नहीं किया, लेकिन इतना अवश्य कहा कि “कुछ निर्णय राज्यहित में लेने पड़ते हैं।”
उनके इस संक्षिप्त बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वे किसी नई रणनीति या राजनीतिक दिशा की घोषणा कर सकते हैं।
आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऋषिकेश की स्थानीय राजनीति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण असर डाल सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिनेश चंद्र मास्टर आगे कौन-सा कदम उठाते हैं और उनका यह निर्णय किस व्यापक राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में लिया गया है।
फिलहाल, उनके इस्तीफे ने नगर निगम की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और समर्थक उनके अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।









