संविधान दिवस पर पेयजल निगम मुनिकीरेती में दिलाई गई शपथ
अधिशाषी अभियंता प्रवीण साह बोले—संविधान भारतीय आत्मा और आदर्शों का शाश्वत दर्पण

मुनिकीरेती/टिहरी गढ़वाल (दिलीप शर्मा) : निर्माण शाखा, उत्तराखंड पेयजल निगम मुनिकीरेती में बुधवार को संविधान दिवस गरिमा और गंभीरता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता प्रवीण साह ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को संविधान की शपथ दिलाई और कहा कि यह दिवस हमें न केवल भारत के संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा की स्मृति कराता है, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता भी जगाता है, जिन्होंने इसकी रचना, संरक्षण और प्रतिष्ठा के लिए अनगिनत बलिदान किए।
अधिशाषी अभियंता ने कहा कि भारत का संविधान केवल कानूनी प्रावधानों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, संस्कृति, विविधता और आदर्शों का विस्तृत प्रतिबिंब है। इसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांत देश को एक सूत्र में पिरोने वाली आधारशिला हैं।
उन्होंने विशेष रूप से संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारत को सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा पर आधारित भविष्य की दृष्टि दी। बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और संकल्प का अद्भुत उदाहरण है, जो राष्ट्र निर्माण का प्रेरक स्रोत बना हुआ है।
अधिशाषी अभियंता ने कहा कि संविधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। बाबा साहेब का संदेश—“संविधान तभी सफल होगा, जब जनता उसे आत्मसात करेगी”—आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रत्येक नागरिक यदि संविधान की मर्यादाओं के पालन का संकल्प ले, तो एक विकसित, सुरक्षित और समृद्ध भारत का स्वप्न अवश्य साकार होगा।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और कार्मिकों ने संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में अधिशासी अभियंता प्रवीण शाह, सहायक अभियंता भूषण सिंह, कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद साहिब, अंकित रावत, रविंद्र सिंह नेगी, दीपक सिंह, अरुण छेत्री, किशन दत्त बिजलवान, श्रीमती कमली देवी, उदय सिंह रावत, ओंकार सिंह,धर्मेंद्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।









