


ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): ऋषिकेश तहसील परिसर में डाकघर की शाखा खोले जाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने मुख्य डाकघर ऋषिकेश के पोस्ट मास्टर को पत्र भेजा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि ऋषिकेश में पूर्व में संचालित डाकघर की शाखाएं बंद होने के कारण अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा आमजन को डाक संबंधी कार्यों के लिए मुख्य डाकघर जाना पड़ रहा है। इससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है।

अधिवक्ता कपिल शर्मा, विवेक तिवारी, शैलेन्द्र चौहान, राजेश साहनी, साक्षी, प्रियंका, अनुज, रोहित गुप्ता, संजय सचदेवा, विशाल शर्मा, लक्ष्मी तिवारी, कृष्णा तिवारी, विवेक मिश्रा आदि ने बताया कि पुराने रेलवे स्टेशन के समीप तथा देहरादून रोड स्थित न्यायालय के आसपास पूर्व में डाकघर की शाखाएं संचालित होती थीं, लेकिन इनके बंद होने से अधिवक्ताओं को अब डाक भेजने के लिए मुख्य डाकघर का रुख करना पड़ता है।
न्यायालयी कार्य भी हो रहा प्रभावित
अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ताओं को नियमित रूप से नोटिस, कानूनी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक पत्र डाक के माध्यम से भेजने पड़ते हैं। मुख्य डाकघर तक आने-जाने में कभी यातायात जाम तो कभी डाकघर में अधिक भीड़ के कारण काफी समय लग जाता है। इसके चलते कई बार अधिवक्ताओं को डाक संबंधी कार्य के लिए अलग से पूरा दिन निकालना पड़ता है, जिससे उनका न्यायालयी कार्य भी प्रभावित होता है।
कई सरकारी विभागों के कार्यालय भी तहसील क्षेत्र में
अधिवक्ताओं ने पत्र में बताया कि ऋषिकेश तहसील क्षेत्र में खाद्य एवं पूर्ति विभाग, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, न्यायालय सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं। इन विभागों के कर्मचारियों को भी डाक संबंधी कार्यों के लिए मुख्य डाकघर जाना पड़ता है। ऐसे में तहसील परिसर में डाकघर की शाखा खुलने से अधिवक्ताओं के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
अधिवक्ताओं ने मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर से जनहित एवं न्यायिक कार्यों की सुविधा को देखते हुए ऋषिकेश तहसील परिसर में डाकघर की एक शाखा खोलने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डाक विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय करेगा।





