उत्तराखंडऋषिकेशसमीक्षा बैठक

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर गढ़वाल आयुक्त ने की पहली समीक्षा बैठक

यात्रा मार्ग दुरुस्त करने से लेकर मंदिर परिसरों में मोबाइल-कैमरा प्रतिबंध तक कई अहम निर्देश

 

ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में पहली समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने यात्रा मार्गों की सड़कों को दुरुस्त रखने, पार्किंग क्षमता बढ़ाने, पैदल मार्गों के सुधारीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, हेली सेवाओं तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

आयुक्त ने बताया कि गत वर्ष की चारधाम यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं एवं अनुभवों के आधार पर इस वर्ष की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले यात्रा सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी और सभी के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन किया गया। इस वर्ष यात्रा को और अधिक सरल व व्यवस्थित बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्यावश्यक कार्यों की अपने स्तर पर स्क्रूटनी करते हुए एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा फास्ट ट्रैक मोड में कार्य प्रारंभ किए जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जिलों की आवश्यकता के अनुसार बजट शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।

गत वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर आए मलवे का उल्लेख करते हुए गढ़वाल आयुक्त ने एनएच, लोक निर्माण विभाग एवं बीआरओ को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर पड़े मलवे का प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर निस्तारण कर सड़कों को पूर्ण रूप से सुचारू किया जाए।

चारधाम यात्रा की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कहा कि इस वर्ष से चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। उन्होंने बीकेटीसी को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के मोबाइल व कैमरा सुरक्षित रखने के लिए मंदिर परिसरों में पृथक व्यवस्था की जाए।

आयुक्त ने बताया कि अभी चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम तथा महाशिवरात्रि व बसंत पंचमी पर केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियां घोषित की जाती हैं। संभावना है कि इस वर्ष यात्रा अप्रैल माह से प्रारंभ हो सकती है, इसलिए सभी तैयारियों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व चारों धामों एवं यात्रा मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवा एवं आपदा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे क्रियाशील रखा जाए। साथ ही होटल, जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था, होल्डिंग प्वाइंट व पार्किंग स्थलों की क्षमता विकसित करने तथा स्टेकहोल्डर्स के साथ पृथक बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों की यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

इस अवसर पर आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल निकिता खण्डेलवाल, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्या, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह, एसएसपी हरिद्वार पीएस डोभाल, एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार, एसपी टिहरी टीआर जोशी, एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, एमडी जीएमवीएन विशाल मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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