उत्तराखंडएम्स ऋषिकेश

एम्स ऋषिकेश में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न: साक्ष्य संश्लेषण और ईबीएम शिक्षण पर रहा फोकस केंद्रित

ऋषिकेश, 25 जुलाई 2025 – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान साक्ष्य आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Medicine – EBM) और साक्ष्य संश्लेषण (Evidence Synthesis) को समझने व पढ़ाने के नवीन तरीकों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने चिकित्सकों को साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर बल देते हुए कहा कि बेहतर उपचार के लिए सटीक और समेकित साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

साक्ष्य संश्लेषण विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य न केवल चिकित्सकों को साक्ष्य आधारित चिकित्सा और संश्लेषण के सिद्धांतों से अवगत कराना है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल से भी समृद्ध करना है। उन्होंने इसे संकाय सदस्यों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता पर बल दिया।

कार्यशाला के पहले दिन ईबीएम की नींव, प्रमुख शिक्षण पद्धतियाँ, शैक्षिक सत्रों की योजना, तथा व्यवस्थित समीक्षाओं के मूल्यांकन जैसे विषयों पर फोकस किया गया। इन सत्रों का संचालन एम्स मोहाली की डॉ. मानवी सिंह, ग्लासगो यूनिवर्सिटी यूके के डॉ. निशांत जयसवाल, और एम्स ऋषिकेश के डॉ. विवेक सिंह मलिक ने किया।
दूसरे दिन कार्यशाला में ईबीएम के व्यावहारिक अनुप्रयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का साक्ष्य संश्लेषण में एकीकरण, रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स (RCTs), डायग्नोस्टिक टेस्ट एक्युरेसी (DTA) स्टडीज का मूल्यांकन, तथा बीएमजे बेस्ट प्रैक्टिस जैसे डिजिटल टूल्स के माध्यम से साक्ष्य के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। इस दिन प्रमुख वक्ताओं में एम्स ऋषिकेश के डॉ. प्रतीक कुमार पांडा, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के डॉ. अनिल चौहान, और बीएमजे ग्रुप यूके के डॉ. कीरन वॉल्श शामिल रहे।

कार्यशाला के आयोजन सचिव व संस्थान के वरिष्ठ पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी श्री संदीप कुमार सिंह ने बताया कि यह विशेष कार्यशाला एम्स ऋषिकेश के संकाय सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि इसमें इंटरैक्टिव लघु समूह कार्य, आलोचनात्मक मूल्यांकन अभ्यास, सूक्ष्म-शिक्षण जैसे विविध शैक्षणिक विधियों को शामिल किया गया।
इस अवसर पर प्रो. संजीव कुमार मित्तल, प्रो. सोमप्रकाश बसु, प्रो. श्रीपर्णा बसु, प्रो. आशी चुग, प्रो. बलराम, एसोसिएट प्रो. डॉ. पूनम सिंह, डॉ. भावना गुप्ता, डॉ. इंतजार सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के फेकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button