उत्तराखंडऋषिकेश

रुद्राक्ष में समाहित है अपार योग शक्ति : प्रो. एम. एस. रावत

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में योगारम्भ एवं रुद्राक्ष दीक्षा समारोह संपन्न

 

ऋषिकेश(दिलीप शर्मा) 29 अक्टूबर : श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग में बुधवार को “योगारम्भ एवं रुद्राक्ष दीक्षा समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में योग साधना के प्रति निष्ठा, अनुशासन और आध्यात्मिक जागरण की भावना जगाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “रुद्राक्ष में अपार योग ऊर्जा समाहित है, अतः योगारम्भ के समय विधि पूर्वक रुद्राक्ष धारण करना अत्यंत हितकारी होता है।”

योग समन्वयक प्रो. वी. के. गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण की प्रक्रिया है। रुद्राक्ष धारण का अर्थ शिव चेतना से जुड़ना और साधना को जीवन का केंद्र बनाना है। इस अवसर पर प्रो. सी. एस. नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह में प्रो. रावत द्वारा विद्यार्थियों को रुद्राक्ष की दीक्षा दी गई तथा उन्हें योग के सिद्धांतों पर चलने और समाज में स्वास्थ्य, शांति एवं सद्भाव का संदेश फैलाने का संकल्प दिलाया गया।

योग विभागाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश कंसवाल ने “योगारम्भ” के अंतर्गत विद्यार्थियों को आगामी सत्र की साधना रूपरेखा, ध्यान अभ्यास, प्रातःकालीन अनुशासन तथा विश्वविद्यालय की योग परियोजनाओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम में डा. चंद्रेश्वरी नेगी, डा. वीना रयाल एवं डा. हिमानी नौटियाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके कुशल संचालन से समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनके योग जीवन की मंगलकामनाएँ दीं और विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना की।

अंत में सामूहिक “ॐ नमः शिवाय” जप के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिससे पूरा परिसर दिव्यता, अनुशासन और साधना के अद्भुत वातावरण से गुंजायमान हो उठा।

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