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निर्मल आश्रम अस्पताल में अत्याधुनिक ब्रोंकोस्कोपी मशीन का शुभारंभ, ऋषिकेश को मिली श्वास रोग जांच की उन्नत सुविधा

एम्स के बाद ऋषिकेश में पहली बार किसी निजी/धार्मिक संस्थान में शुरू हुई ब्रोंकोस्कोपी सेवा, रियायती दरों पर मिलेगा लाभ

निर्मल आश्रम अस्पताल में अत्याधुनिक ब्रोंकोस्कोपी मशीन का शुभारंभ,
ऋषिकेश को मिली श्वास रोग जांच की उन्नत सुविधा

एम्स के बाद ऋषिकेश में पहली बार किसी निजी/धार्मिक संस्थान में शुरू हुई ब्रोंकोस्कोपी सेवा, रियायती दरों पर मिलेगा लाभ

ऋषिकेश, 30 दिसंबर (दिलीप शर्मा): चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर निर्मल आश्रम अस्पताल ऋषिकेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में उन्नत तकनीक से युक्त अत्याधुनिक ब्रोंकोस्कोपी मशीन का विधिवत लोकापर्ण किया गया। इस मशीन का उद्घाटन निर्मल आश्रम के महंत बाबा राम सिंह जी महाराज ने किया।

इस अवसर पर बाबा राम सिंह जी महाराज ने कहा कि अस्वस्थ और जरूरतमंद व्यक्ति को उत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सच्ची मानव सेवा है। मानव सेवा के माध्यम से न केवल समाज का कल्याण होता है, बल्कि इससे आत्मिक शांति और संतोष की अनुभूति भी होती है।

संत जोध सिंह जी महाराज ने निर्मल आश्रम द्वारा चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इन्हें निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया।

अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्रोंकोस्कोपी श्वास रोगों की जांच की एक सुरक्षित, सटीक और आधुनिक प्रक्रिया है। यह सुविधा बाजार की तुलना में रियायती दरों पर अनुभवी श्वास रोग विशेषज्ञों द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि एम्स के बाद ऋषिकेश शहर में यह उन्नत सुविधा अब केवल निर्मल आश्रम अस्पताल में ही उपलब्ध है, जो क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अखलेश ने ब्रोंकोस्कोपी जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रक्रिया में एक पतली कैमरा युक्त नली के माध्यम से फेफड़ों और श्वास नलियों की गहन जांच की जाती है। लंबे समय से खांसी, बलगम में खून, टीबी या फेफड़ों के संक्रमण की जांच, फेफड़ों में गांठ या कैंसर की पहचान, बिना कारण सांस फूलना तथा श्वास नली में फंसी गंदगी या फॉरेन बॉडी निकालने जैसी स्थितियों में यह जांच अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. अजय शर्मा सहित डॉ. मो. शोएब, डॉ. अखलेश, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. जगमोहन सिंह राणा, डॉ. अश्वनी कंडारी, डॉ. हेमंत कपरूवान, करमजीत सिंह और प्रदीप बक्शी सहित अन्य गणमान्य चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

निर्मल आश्रम अस्पताल की यह पहल न केवल ऋषिकेश बल्कि आसपास के पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के श्वास रोगियों के लिए वरदान साबित होगी।

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