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उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने किया “चितकोरा फाख्ता – एक टूटी, छोटी उड़ान” पुस्तक का विमोचन

ऋषिकेश, 03 जुलाई : आज दिनांक 3 जुलाई 2025 को Red Fort International Public School, ऋषिकेश में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में बाल साहित्य पर आधारित पुस्तक “चितकोरा फाख्ता – एक टूटी, छोटी उड़ान” का विधिवत विमोचन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल उपस्थित रहीं। उनके करकमलों द्वारा पुस्तक का विमोचन संपन्न हुआ। मंच पर उनके साथ विद्यालय के चेयरमैन डॉ. शूरवीर सिंह बिष्ट, प्राचार्या श्रीमती तरंग बेली, उप-प्राचार्य देवेंद्र बिष्ट, तथा विद्यालय समन्वयक अमित गांधी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

यह पुस्तक उत्तराखंड के सामाजिक कार्यकर्ता, प्रकृति प्रेमी एवं वन्य जीवन के संरक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह नेगी द्वारा लिखित है.

उनके सामाजिक योगदान से कुनाउ जैसे सुदूरवर्ती गांवों में बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकीं।

“चितकोरा फाख्ता – एक टूटी, छोटी उड़ान” केवल एक बाल-कथा नहीं, बल्कि प्रकृति, संवेदनशीलता और स्वतंत्रता के मूल्यों को उजागर करने वाली पुस्तक है। यह बच्चों में वन्य जीवों के प्रति करुणा और पुस्तक पठन की आदत को प्रोत्साहित करती है।

प्राचार्या श्रीमती तरंग बेली ने अपने स्वागत भाषण में कहा, “श्री चंद्रमोहन सिंह नेगी जी की यह पुस्तक शिक्षा और जीवन मूल्यों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करती है, जो हर बच्चे को पढ़नी चाहिए।”

मुख्य अतिथि श्रीमती कुसुम कंडवाल ने अपने संबोधन में कहा, “साहित्य समाज का दर्पण होता है और जब साहित्य बच्चों के माध्यम से प्रकृति और नैतिकता की बातें करता है, तो उसका प्रभाव और भी गहरा होता है। नेगी जी की यह पुस्तक निश्चित ही बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होगी।”

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. शूरवीर सिंह बिष्ट और उप-प्राचार्य श्री देवेंद्र बिष्ट ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तक चितकोरा फाख्ता को विद्यालय पुस्तकालयों और बाल पठन कार्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए।

विद्यालय समन्वयक अमित गांधी ने मंच संचालन करते हुए कहा कि विद्यालय न केवल शैक्षणिक विकास पर बल देता है, बल्कि छात्रों को जीवन मूल्यों, पर्यावरणीय चेतना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी सिखाता है।

समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षकगण, अभिभावक, विद्यार्थी और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

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