कांवड़ मेला-2025: SDRF की सतर्कता से गंगा में डूब रहे 10 श्रद्धालुओं का सफल रेस्क्यू


हरिद्वार, 13 जुलाई 2025 – कांवड़ मेला-2025 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच गंगा स्नान के दौरान कई हादसों की आशंका बनी रहती है। इसी क्रम में आज हरिद्वार स्थित कांगड़ा घाट पर एक बड़ी दुर्घटना को टालते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) उत्तराखंड की डीप डाइविंग टीम ने तत्परता दिखाते हुए गंगा नदी में डूब रहे कुल 10 श्रद्धालुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू की यह कार्रवाई अलग-अलग समय पर घाट पर ड्यूटी में तैनात टीम द्वारा अंजाम दी गई। SDRF के गोताखोरों ने गहरे पानी में जाकर जान की परवाह किए बिना सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार भी प्रदान किया।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं की जानकारी:
इशांत पुत्र हरपाल सिंह (18 वर्ष) — अंबाला, हरियाणा
शेर सिंह पुत्र कालीचरण (14 वर्ष) — सोनीपत, हरियाणा
सत्यम पुत्र मनरिका (19 वर्ष) — सेक्टर-59, नोएडा, उत्तर प्रदेश
वंश पुत्र मनोज (20 वर्ष) — अंबाला, हरियाणा
आकाश पुत्र हाकिम (19 वर्ष) — फरीदाबाद, हरियाणा
शंभू पुत्र मोहन सिंह (20 वर्ष) — सागरपुर, दिल्ली
नितिन पुत्र अवतार सिंह (18 वर्ष) — फरीदाबाद, हरियाणा
विजय पुत्र रामकिशोर (19 वर्ष) — ठाकुरद्वारा, उत्तर प्रदेश
आशीष पुत्र पवन (25 वर्ष) — गुरुग्राम, हरियाणा
सारथी वर्मा पुत्र राहुल वर्मा (11 वर्ष) — रामपुरी, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
SDRF की यह कार्यवाही न केवल उनकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि आपदा की घड़ी में उनका दायित्व बखूबी निभाया जा रहा है।
रेस्क्यू टीम में सम्मिलित SDRF के जांबाज:
उपनिरीक्षक: पंकज खरोला
एडिशनल सब-इंस्पेक्टर: प्रविंद्र धस्माना
हेड कांस्टेबल: विजय
कांस्टेबल: नीतेश, अनिल, सुरेश, मालसी, कविंद्र, प्रकाश, शिवम्
टीम ने न केवल साहसिक कार्य किया, बल्कि कुशल तालमेल और तेज प्रतिक्रिया समय से 10 अमूल्य जानों को सुरक्षित बचाया।
SDRF उत्तराखंड ने पुनः यह सिद्ध किया कि आपदा के हर मोर्चे पर वह पूर्ण समर्पण और निष्ठा से डटे हुए हैं। श्रद्धालुओं और प्रशासन ने SDRF की इस त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है।









