अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में डॉ. नरेश चौधरी सम्मानित, उत्कृष्ट व्याख्यान व संयोजन के लिए मिला सम्मान
योग और आयुर्वेद को बताया आपदा प्रबंधन में कारगर, केदारनाथ आपदा और कोविड-19 के अनुभव भी साझा किए


हरिद्वार, 21 मार्च (दिलीप शर्मा) : उत्तराखण्ड सरकार के तत्वावधान में पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम के संयुक्त सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में देश-विदेश के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में “योग का आपदा प्रबंधन में विशेष महत्व” एवं “योग और आयुर्वेद से बढ़ती रोग प्रतिरोधक क्षमता” विषयों पर प्रभावशाली व्याख्यान देने के लिए प्रोफेसर (डॉ.) नरेश चौधरी को सम्मानित किया गया।
ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में कार्यरत तथा इंडियन रेडक्रॉस की सर्वोच्च राष्ट्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. चौधरी को गढ़वाल मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक लक्ष्मी राज चौहान द्वारा उत्तराखण्ड शासन की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. चौधरी ने कहा कि आपदा की स्थिति में योग और आयुर्वेद दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग जहां मानसिक तनाव को कम कर मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, वहीं आयुर्वेद जीवनशैली और आहार में सुधार के माध्यम से शरीर को पुनः सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि दोनों पद्धतियां मिलकर आपदा प्रभावित लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक हैं।
डॉ. चौधरी ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा और कोविड-19 महामारी के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में योग और आयुर्वेद ने लोगों को उबरने में बड़ी भूमिका निभाई।
गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने डॉ. चौधरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों के साथ सामाजिक जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर निगम के अपर महाप्रबंधक दीपक रावत और गंगा रिसोर्ट के प्रबंधक राजेन्द्र ढोंडियाल ने भी डॉ. चौधरी के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व को सम्मानित करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है।










