SDRF ने गंगा में डूब रहे 12 कांवड़ यात्रियों को बचाकर दिया साहस, सेवा और सतर्कता का परिचय
स्थान: हरिद्वार (कांगड़ा घाट एवं प्रेम नगर आश्रम घाट) रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो देखें

हरिद्वार, 20 जुलाई 2025 – कांवड़ मेला–2025 के तहत हरिद्वार में उमड़ी शिवभक्तों की विशाल भीड़ के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), उत्तराखंड की टीमों ने एक बार फिर अपने अद्वितीय समर्पण, तत्परता और वीरता का परिचय दिया। गंगा नदी में अलग-अलग स्थानों पर डूब रहे कुल 12 कांवड़ यात्रियों को SDRF के जवानों ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर नई जिंदगी दी।
भीड़भाड़ और उत्साह से भरे माहौल में, जब श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए नदी में उतरे, तब SDRF की “जीवन रक्षक टीम” पूरी मुस्तैदी के साथ घाटों पर तैनात थी। जैसे ही हादसे के संकेत मिले, बिना समय गंवाए जवानों ने त्वरित कार्रवाई कर गंगा की गर्जनाती लहरों से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कांगड़ा घाट पर SDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन (9 श्रद्धालु सुरक्षित):
गंगा में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं में से 9 लोग गहराई या तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। SDRF की सतर्क निगाहों और तेज कार्रवाई के चलते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी यात्रियों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया और आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराई गई।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं की सूची:
यस पुत्र सुधीर – गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
अमन पुत्र नन्हे सिंह – मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
दानिश पुत्र मोहम्मद जशीन – दिल्ली
मंशाराम कुशवाहा पुत्र गजराज सिंह – भोपाल, मध्य प्रदेश
शिवम पुत्र लालू प्रसाद – उत्तम नगर, दिल्ली
मोहित पुत्र लालू कमल – कैथल, हरियाणा
विनोद पुत्र कालू सिंह – महेन्द्रगढ़, हरियाणा
मुकुल पुत्र श्यामलाल – चंडीगढ़, हरियाणा
दीपांशु पुत्र सुरेन्द्र सिंह – बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
प्रेम नगर आश्रम घाट पर SDRF की तत्परता से बचाए गए 3 श्रद्धालु:
अलग-अलग समय पर गंगा पार करते समय अथवा स्नान के दौरान तीन श्रद्धालु तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे थे। SDRF के प्रशिक्षित गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और मौके पर ही आवश्यक प्राथमिक सहायता प्रदान की।
सुरक्षित किए गए श्रद्धालु:
मुकुल पुत्र सुनील – दिल्ली, उम्र 27 वर्ष
वंश – हरियाणा, उम्र 18 वर्ष
सुरेंद्र – हरियाणा, उम्र 48 वर्ष
जनसेवा में SDRF सदैव तत्परहरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच SDRF की मुस्तैदी और तैयारियों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि आपदा की हर परिस्थिति में SDRF आमजन की सुरक्षा के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहती है। जवानों की सूझबूझ, उच्च प्रशिक्षण और साहसिक कार्यों ने न केवल अनमोल जिंदगियां बचाईं, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता का भरोसा भी और अधिक मजबूत किया।









