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एम्स ऋषिकेश ने संविदा कर्मियों की बहाली पर जताई सहमति

आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से शेष कार्मिकों को भी मिलेगा काम का अवसर

ऋषिकेश, 16 सितम्बर – एम्स प्रशासन ने उन सभी संविदा कर्मियों को पुनः कार्य पर लेने पर सहमति जताई है, जिनके पक्ष में माननीय न्यायालय ने नियमित नियुक्तियां होने तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। वहीं, अन्य धरनारत पूर्व संविदा कर्मियों को भी एम्स प्रशासन ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से शीघ्र ही कार्य पर लेने का आश्वासन दिया है।

सकारात्मक रही वार्ता

मंगलवार को धरनारत संविदा कर्मियों के प्रतिनिधि मंडल और एम्स प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। प्रशासन ने प्रतिनिधियों की मांगों को विस्तार से सुना और सभी बिंदुओं पर चर्चा की। वार्ता के बाद एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए जिन संविदा कर्मियों को स्टे ऑर्डर प्राप्त हैं, उन्हें दो-एक दिनों में कार्य पर बहाल कर दिया जाएगा।

शेष कार्मिकों के लिए संवेदनशील निर्णय

एम्स प्रशासन ने बताया कि जिन कार्मिकों के पक्ष में न्यायालय से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें भी संस्थान द्वारा सहानुभूतिपूर्वक निर्णय के तहत आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से काम पर लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में अधिक अंतर नहीं है, जिससे रोजगार संबंधी समस्याएं दूर होंगी।

वेतन वृद्धि पर फिलहाल निर्णय नहीं

वार्ता के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने वेतन बढ़ोत्तरी का मुद्दा भी उठाया। इस पर एम्स प्रशासन ने कहा कि इस विषय पर निर्णय तभी संभव है जब संबंधित पदों पर पुनः विज्ञप्तियां जारी हों। अन्यथा ऐसा करना नियमों के विरुद्ध होगा।

शामिल रहे ये अधिकारी और प्रतिनिधि

वार्ता में एम्स प्रशासन की ओर से उप निदेशक (प्रशासन) कर्नल राजीव सेन रॉय, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मुकेश पाल मौजूद रहे। वहीं संविदा कर्मियों के प्रतिनिधि मंडल में प्रजापति डबराल और दीपक बिष्ट शामिल थे।

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